ट्रेन का टिकट कैंसिल करवाया तो अब चेक से वापस मिलेगा रुपया
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आरक्षण केंद्रों से बनवाए गए रेलवे टिकट कैंसिल कराने पर रिफण्ड के लिए टीडीआर भरना होगा और धनराशि चेक से दी जाएगी। यह नियम केवल उन टिकटों पर लागू होगा, जो 10 हजार रुपये से अधिक के होंगे। इस बाबत सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ व हजार रुपये केनोटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही यह भी कहा था कि पुराने नोटों से रेलवे व एयर टिकट खरीदे जा सकते हैं। चूंकि, जिन लोगों के पास काला धन है, वह उस रकम को सफेद करने के लिए फर्स्ट व सेकेंड एसी केरेलवे टिकट खरीद रहे हैं और फिर उन्हें कैंसिल कराकर शेष रकम वापस ले रहे हैं।
ट्रेन कैंसिलेशन का चार्ज नॉमिनल है, जिससे लोग काले धन को आसानी से सफेद बना रहे हैं। गुरुवार को इस बाबत खबर भी छपी थी। जिसके बाद रिफण्ड के नियमों में बदलाव का सर्कुलर जारी किया, जो सिर्फ 11 नवम्बर तक लागू रहेगा। इस बाबत क्रिस को भी सॉफ्टवेयर में अपडेट करने के लिए कहा गया है।
50 हजार रुपये से अधिक कीमत के टिकटों पर पैन कार्ड
रेलवे बोर्ड केपैसेंजर मार्केटिंग के डायरेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि काले धन के इस्तेमाल को रोकने के लिए आरक्षण केंद्रों पर 50 हजार रुपये से अधिक कीमत के टिकटों पर पैन कार्ड लिया जा रहा है, जबकि दस हजार रुपये से अधिक के टिकटों के लिए रिफण्ड कैश में नहीं मिलेगा।
ऐसे यात्रियों को चेक से रिफण्ड किया जाएगा या फिर आरटीजीएस-एनईएफटी के जरिए पैसा वापस किया जाएगा, जिसकेलिए उन्हें टीडीआर भरना पड़ेगा। इस सर्कुलर की वैधता सिर्फ शुक्रवार यानी 11 नवम्बर तक है।
बता दें कि नियमों के अनुसार टीडीआर ट्रेन की रवानगी के डेढ़ घंटे पहले फाइल करना पड़ता है। जबकि वेटिंग व आरएसी के टिकटों का टीडीआर चार घंटे पहले फाइल करना होता है।