{"_id":"5d3372108ebc3e6cff02d288","slug":"train-stopped-due-to-finish-the-fuel-lucknow-news-lko471890878","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊंचाहार एक्सप्रेस का ईंधन अचानक खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊंचाहार एक्सप्रेस का ईंधन अचानक खत्म
विज्ञापन
कानपुर ब्रिज व मगरवारा के बीच ऊंचाहार एक्सप्रेस का ईंधन खत्म, रूट बाधित
ऊंचाहार एक्सप्रेस का शनिवार को अचानक ईंधन खत्म हो गया, जिससे ट्रेन अचानक कानपुर ब्रिज व मगरवारा के बीच रुक गई।
इससे रूट बाधित हो गया और दूसरी ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा। एक घंटे बाद दूसरा इंजन भेजा गया, जिसके बाद ऊंचाहार एक्सप्रेस रवाना की जा सकी।
चंडीगढ़ से प्रयागराज जा रही ऊंचाहार एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल से छूटकर सुबह 9.35 बजे कानपुर ब्रिज पार कर रही थी।
इस दौरान लोको पायलट को ट्रेन का ईंधन खत्म होने का अंदेशा हुआ। वह कुछ करता, इससे पहले ही इंजन बंद हो गया।
बीच रास्ते ईंधन खत्म होने से ड्राइवर और गार्ड के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल कंट्रोल को सूचना दी गई।
ट्रेन के डाउन लाइन पर खड़े हो जाने से कानपुर से लखनऊ आने वाली ट्रेनों को जहां-तहां रोकना पड़ा।
सवा दस बजे दूसरा इंजन आया और साढ़े दस बजे कानपुर ब्रिज व मगरवारा रूट क्लीयर होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका।
इस दौरान चित्रकूट एक्सप्रेस तीन घंटे, सिकंदराबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, कोटा-पटना एक्सप्रेस चार घंटे, कानपुर-लखनऊ मेमू 5.30 घंटे व आगरा इंटरसिटी लेट हुई।
डुप्लीकेट पंजाब मेल का एंगल कॉक टूटा
अमृतसर से हावड़ा जा रही डुप्लीकेट पंजाब मेल का ब्रेक पाइप (एंगल कॉक) शनिवार को अचानक टूट गया। लोको पायलट ने ट्रेन रोककर इसे ठीक करने का प्रयास किया। हालांकि, यह जुड़ नहीं सका, जिससे ट्रेन को सुस्त गति से चारबाग स्टेशन तक लाया गया, जहां एंगल कॉक बदला गया। 13050 डुप्लीकेट पंजाब मेल मुरादाबाद से रवाना होने के बाद चारबाग की ओर आ रही थी कि रास्ते में एंगल कॉक टूटने की सूचना मुरादाबाद कंट्रोल की ओर से दी गई। इससे ब्रेक लगाने में लोको पायलट को समस्या आने लगी। लोको पायलट व गार्ड ने काफी मेहनत की, पर एंगल कॉक ठीक नहीं हुआ। चारबाग स्टेशन पर ट्रेन एग्जामनरों ने एंगल कॉक बदला। फिर ब्रेक ठीक करने में एक घंटा लग गया। इससे ट्रेन डेढ़ घंटे की देरी से दोपहर 1.10 बजे रवाना हो सकी।
विज्ञापन
ऊंचाहार एक्सप्रेस का शनिवार को अचानक ईंधन खत्म हो गया, जिससे ट्रेन अचानक कानपुर ब्रिज व मगरवारा के बीच रुक गई।
इससे रूट बाधित हो गया और दूसरी ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा। एक घंटे बाद दूसरा इंजन भेजा गया, जिसके बाद ऊंचाहार एक्सप्रेस रवाना की जा सकी।
चंडीगढ़ से प्रयागराज जा रही ऊंचाहार एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल से छूटकर सुबह 9.35 बजे कानपुर ब्रिज पार कर रही थी।
इस दौरान लोको पायलट को ट्रेन का ईंधन खत्म होने का अंदेशा हुआ। वह कुछ करता, इससे पहले ही इंजन बंद हो गया।
बीच रास्ते ईंधन खत्म होने से ड्राइवर और गार्ड के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल कंट्रोल को सूचना दी गई।
ट्रेन के डाउन लाइन पर खड़े हो जाने से कानपुर से लखनऊ आने वाली ट्रेनों को जहां-तहां रोकना पड़ा।
सवा दस बजे दूसरा इंजन आया और साढ़े दस बजे कानपुर ब्रिज व मगरवारा रूट क्लीयर होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका।
इस दौरान चित्रकूट एक्सप्रेस तीन घंटे, सिकंदराबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, कोटा-पटना एक्सप्रेस चार घंटे, कानपुर-लखनऊ मेमू 5.30 घंटे व आगरा इंटरसिटी लेट हुई।
डुप्लीकेट पंजाब मेल का एंगल कॉक टूटा
अमृतसर से हावड़ा जा रही डुप्लीकेट पंजाब मेल का ब्रेक पाइप (एंगल कॉक) शनिवार को अचानक टूट गया। लोको पायलट ने ट्रेन रोककर इसे ठीक करने का प्रयास किया। हालांकि, यह जुड़ नहीं सका, जिससे ट्रेन को सुस्त गति से चारबाग स्टेशन तक लाया गया, जहां एंगल कॉक बदला गया। 13050 डुप्लीकेट पंजाब मेल मुरादाबाद से रवाना होने के बाद चारबाग की ओर आ रही थी कि रास्ते में एंगल कॉक टूटने की सूचना मुरादाबाद कंट्रोल की ओर से दी गई। इससे ब्रेक लगाने में लोको पायलट को समस्या आने लगी। लोको पायलट व गार्ड ने काफी मेहनत की, पर एंगल कॉक ठीक नहीं हुआ। चारबाग स्टेशन पर ट्रेन एग्जामनरों ने एंगल कॉक बदला। फिर ब्रेक ठीक करने में एक घंटा लग गया। इससे ट्रेन डेढ़ घंटे की देरी से दोपहर 1.10 बजे रवाना हो सकी।
विज्ञापन