फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Tragic: Lock on the main gate of Balrampur hospital, two patients lost their breath, it took half an hour to reach the second gate

दुखद : बलरामपुर अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला, दो मरीजों की उखड़ गई सांसें, दूसरे गेट पर पहुंचते-पहुंचते लग गया आधा घंटा

Mon, 06 Sep 2021 06:49 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 06 Sep 2021 06:49 PM IST
सार

अस्पताल ने इमरजेंसी के सामने मुख्य द्वार बंद करा रखा है। ऐसे में निजी वाहन से मरीज को लेकर पहुंचे तीमारदारों की गाड़ी अंदर नहीं घुसने दी गई। तीमारदार कचहरी मार्ग पर खुले गेट से अंदर गाड़ी ला रहे थे तभी उस रूट पर लगे जाम में वाहन फंस गया।

विज्ञापन
Tragic: Lock on the main gate of Balrampur hospital, two patients lost their breath, it took half an hour to reach the second gate
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलरामपुर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने हफ्ते भर में दो मरीजों की जान ले ली। मरीजों के वाहन अस्पताल इमरजेंसी में पहुंचते-पहुंचते आधे से एक घंटा लग रहा है। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान जा रही मगर अफसरों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अस्पताल ने इमरजेंसी के सामने मुख्य द्वार बंद करा रखा है। ऐसे में निजी वाहन से मरीज को लेकर पहुंचे तीमारदारों की गाड़ी अंदर नहीं घुसने दी गई। तीमारदार कचहरी मार्ग पर खुले गेट से अंदर गाड़ी ला रहे थे तभी उस रूट पर लगे जाम में वाहन फंस गया। इस दौरान मरीज की गाड़ी में मौत हो गई। तीमारदार मरीज को लेकर ट्रॉमा तरफ भागे वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन


सीतापुर अटरिया निवासी राम विलास 54 को सांस की दिक्कत थी। पहले उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। मगर वहां पर कोई फायदा न हुआ। सोमवार सुबह बेटा रामू पिता को लेकर बलरामपुर अस्पताल आ रहा था। निजी वाहन को लेकर वह अस्पताल के मुख्य द्वार पर करीब दोपहर 12 बजे पहुंचा। वहां पर गेट पर ताला लटक रहा था। परिजन गाड़ी लेकर थोड़ा आगे बढ़े तो जाम में फंस गए। काफी देर तक वहां पर फंसे रहने बाद तीमारदारों ने गाड़ी वापस घुमा ली। इसी बीच मरीज की सांसें कार में उखड़ गई। तीमारदार मरीज को ट्रॉमा ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे रामू का कहना है इमरजेंसी जाने वाले मुख्य गेट को बंद था। गाड़ी लेकर आगे बढ़े तो जाम में फंस गए। इसी बीच मरीज की गाड़ी में सांस उखड़ गई। कचहरी मार्ग पर खुले दूसरे गेट पर लंबा जाम लगा होने से गाड़ी ट्रॉमा सेंटर ले गए।
विज्ञापन


एक सितंबर को किशोरी ने ई रिक्शे पर तोड़ा था दम
ठाकुरगंज कैंपल रोड की रहने वाली नगमा 16 उल्टी-दस्त से ग्रस्त थी। पहले नजदीकी क्लीनिक से दवा ले रही थी। हालत बिगड़ने पर परिजन बीती 1 सितंबर दोपहर करीब एक बजे ई रिक्शे पर लादकर मरीज को बलरामपुर अस्पताल ला रहे थे। मुख्य गेट पर पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। गार्डों ने कचहरी मार्ग से घुमकर आने को कहा। परिजन ई रिक्शे से जैसे आगे बढ़े तो वह जाम में फंस गया। करीब आधे घंटे बाद करीब ढ़ाई बजे ई रिक्शा इमरजेंसी पर पहुंचा। मां अनीशा का कहना है ई रिक्शा जाम में फंसने से उसकी मौत हो गई। अस्पताल के मेन गेट खुला न होने से आधे घंटे तक अस्पताल के चक्कर लगाते रहे। इसी बीच उसकी सांसें उखड़ गई। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने परीक्षण करके उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोड पर लगवा दी पार्किंग, हर रोज लग रहा भीषण जाम
बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में मरीज-तीमारदार वाहन न ला पाए इसके लिए मेन गेट को बंद करा दिया। ऐसे में ओपीडी में आने वाले मरीजों केवाहन मुख्य मार्ग पर खड़े कराए जा रहे हैं। सड़क के दोनों तरफ वाहन लगा होने से रोड संकरी होने से हर रोज भीषण जाम लग रहा है। एंबुलेंस से लेकर मरीजों के वाहन उसमें फंस रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed