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जियो टैगिंग व्यवस्था से व्यापारियों का उत्पीड़न : अमरनाथ मिश्र
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मंडी निदेशक को ज्ञापन देते व्यापारी।
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लखनऊ। मंडी समिति में एक जुलाई से लागू जियो टैगिंग व्यवस्था के खिलाफ व्यापारी लगातार एकजुट हो रहे हैं। बुधवार को लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में व्यापारियों ने मंडी परिषद के निदेशक को वाहनों की जियो टैगिंग व्यवस्था के खिलाफ ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों ने बताया कि प्रदेश के बाहर से आने वाले कृषि उत्पादों पर पहले से ही प्री-अराइवल स्लिप की अनिवार्य व्यवस्था लागू है, जिसके माध्यम से व्यापारी स्वयं कर देयता स्वीकार करता है और पूरा विवरण विभाग के पास उपलब्ध रहता है। ऐसी स्थिति में उसी माल पर जियो टैगिंग की अतिरिक्त व्यवस्था अनावश्यक, दोहरावपूर्ण एवं व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला कदम है।
अमरनाथ मिश्र ने कहा कि जीएसटी प्रणाली में आवश्यक प्रपत्र सरल एवं कम समय में जारी किए जा सकते हैं, वहीं मंडी परिषद की वर्तमान प्रक्रिया पहले से ही अपेक्षाकृत जटिल है। उस पर जियो टैगिंग की अनिवार्यता व्यापार को अधिक कठिन बना रही है। इस दौरान चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल, प्रशांत गर्ग, रामशंकर अवस्थी, मोनू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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25 जिलों से पहुंचे व्यापारियों ने मंडी निदेशक को सौंपा ज्ञापन
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में प्रदेश के 25 अलग-अलग जिलों से पहुंचे व्यापारियों ने बुधवार को गोमतीनगर स्थित मंडी परिषद कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि जियोटैग एप से वाहन लोडिंग एवं अनलोडिंग के समय वाहन टैगिंग की व्यवस्था ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा पर प्रहार है। प्रदेश में करीब 251 गल्ला मंडियां हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारी इस तकनीकी व्यवस्था का सुचारु रूप से उपयोग नहीं कर पाएंगे। इस दौरान प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ताजपुरिया, लखनऊ से प्रदेश युवा कोषाध्यक्ष श्याम सिंहल, प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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व्यापारियों ने बताया कि प्रदेश के बाहर से आने वाले कृषि उत्पादों पर पहले से ही प्री-अराइवल स्लिप की अनिवार्य व्यवस्था लागू है, जिसके माध्यम से व्यापारी स्वयं कर देयता स्वीकार करता है और पूरा विवरण विभाग के पास उपलब्ध रहता है। ऐसी स्थिति में उसी माल पर जियो टैगिंग की अतिरिक्त व्यवस्था अनावश्यक, दोहरावपूर्ण एवं व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला कदम है।
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अमरनाथ मिश्र ने कहा कि जीएसटी प्रणाली में आवश्यक प्रपत्र सरल एवं कम समय में जारी किए जा सकते हैं, वहीं मंडी परिषद की वर्तमान प्रक्रिया पहले से ही अपेक्षाकृत जटिल है। उस पर जियो टैगिंग की अनिवार्यता व्यापार को अधिक कठिन बना रही है। इस दौरान चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल, प्रशांत गर्ग, रामशंकर अवस्थी, मोनू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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25 जिलों से पहुंचे व्यापारियों ने मंडी निदेशक को सौंपा ज्ञापन
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में प्रदेश के 25 अलग-अलग जिलों से पहुंचे व्यापारियों ने बुधवार को गोमतीनगर स्थित मंडी परिषद कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि जियोटैग एप से वाहन लोडिंग एवं अनलोडिंग के समय वाहन टैगिंग की व्यवस्था ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा पर प्रहार है। प्रदेश में करीब 251 गल्ला मंडियां हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारी इस तकनीकी व्यवस्था का सुचारु रूप से उपयोग नहीं कर पाएंगे। इस दौरान प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ताजपुरिया, लखनऊ से प्रदेश युवा कोषाध्यक्ष श्याम सिंहल, प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया आदि मौजूद रहे। (संवाद)

मंडी निदेशक को ज्ञापन देते व्यापारी।