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Lucknow News: रूट रिले इंटरलॉकिंग का काम सुस्त
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लखनऊ। चारबाग स्टेशन पर रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) के काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 45 वर्ष पुरानी आरआरआई की वायरिंग बदलने में डेढ़ से दो साल का समय लग सकता है।
आरआरआई के काम के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यह काम पूरा होने से सिग्नलिंग व्यवस्था बेहतर होगी और ट्रेनों का संचालन सुधरेगा। सूत्र बताते हैं कि आरआरआई का काम लगभग ठप हो गया है, जबकि इसे गत वर्ष मार्च तक ही पूरा कर लिया जाना चाहिए था।
चूहे कुतर देते हैं तार
चारबाग स्टेशन पर चूहों का आतंक है। ये तार कुतर देते हैं, जिससे सिग्नलिंग ठप हो जाती है। आरआरआई का काम पूरा हो जाने से समस्या से भी निजात मिल सकेगी।
...इसलिए सुस्त है काम
सूत्र बताते हैं कि आरआरआई का काम सुस्त पड़ने की मख्य वजह चारबाग स्टेशन अपग्रेडेशन का काम है। इस काम के तहत स्टेशन पर तमाम निर्माण होने हैं। ऐसे में अंडरग्राउंड वायरिंग के कटने की आशंका बनी रहती है। अपग्रेडेशन के तहत कई कार्य होने हैं, उसके अनुरूप ही अब आरआरआई का काम करवाया जाएगा।
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आरआरआई के काम के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यह काम पूरा होने से सिग्नलिंग व्यवस्था बेहतर होगी और ट्रेनों का संचालन सुधरेगा। सूत्र बताते हैं कि आरआरआई का काम लगभग ठप हो गया है, जबकि इसे गत वर्ष मार्च तक ही पूरा कर लिया जाना चाहिए था।
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चूहे कुतर देते हैं तार
चारबाग स्टेशन पर चूहों का आतंक है। ये तार कुतर देते हैं, जिससे सिग्नलिंग ठप हो जाती है। आरआरआई का काम पूरा हो जाने से समस्या से भी निजात मिल सकेगी।
...इसलिए सुस्त है काम
सूत्र बताते हैं कि आरआरआई का काम सुस्त पड़ने की मख्य वजह चारबाग स्टेशन अपग्रेडेशन का काम है। इस काम के तहत स्टेशन पर तमाम निर्माण होने हैं। ऐसे में अंडरग्राउंड वायरिंग के कटने की आशंका बनी रहती है। अपग्रेडेशन के तहत कई कार्य होने हैं, उसके अनुरूप ही अब आरआरआई का काम करवाया जाएगा।
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