Up Board Result: जानिए टॉपर्स के बारे में सबकुछ
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रैंक : प्रदेश में प्रथम
मार्क्स व प्रतिशत : इंटरमीडिएट में 486/500, 97.20
माता-पिता - विशाल और गीता राठौड़
स्कूल - लखनऊ पब्लिक इंटर कॉलेज, राजाजीपुरम
सफलता का श्रेय : अपने माता-पिता को
लक्ष्य : आईएएस ऑफिसर
सक्सेस मंत्र: पढ़ाई को वाजिब समय दिया। मुझे कभी नहीं लगा कि पढ़ाई के लिए निर्धारित समय के दौरान मैंने कोई और काम किया हो। शायद यही वजह है कि मुझे एकाग्र रहने में मदद मिली। यही समर्पण और एकाग्रता मेरा सक्सेस मंत्र है।
टिप्स : भावी बोर्ड परीक्षा के स्टूडेंट्स को मैं सुझाव दूंगी कि वे अपने कोर्स में कोई भी हिस्सा न छोड़ें। भले कुछ हिस्से कठिन लगे लेकिन वे पाठ से जुड़े होते हैं और उनसे ही कोर्स का बाकी हिस्सा जुड़ा हो सकता है। कठिन चीजों को भी समझने की कोशिश करेंगे तो समझना बहुत मुश्किल नहीं है।
ज्योति कहती हैं कि टीचर्स ने उन्हे हमेशा गाइड किया। आगे वो बीएससी में एडमिशन लेंगी, उसके बाद ज्योति प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहती हैं।
मानसी को मिला घरवालों का पूरा साथ
रैंक : प्रदेश में द्वितीय
मार्क्स व प्रतिशत : इंटरमीडिएट में 485/500
माता-पिता - अनीता और राकेश
स्कूल - लखनऊ पब्लिक इंटर कॉलेज, राजाजीपुरम
सफलता का श्रेय : अपने माता-पिता और शिक्षकों को।
लक्ष्य : इंजीनियर बनना
सक्सेस मंत्र: मैं क्लास में होती थी तो क्लास रूम टीचिंग पर पूरा ध्यान देती थी। अक्सर मैंने पाया है कि क्लास रूम में जो विद्यार्थी एकाग्र नहीं रह पाते वे बाद में सवालों से जूझते हैं। दूसरी ओर मैंने अपने नोट्स बनाकर पढ्राई की थी। इसकी वजह से मुझे लिखकर चीजें याद रखना आसान हो गया।
टिप्स : अन्य विद्यार्थियों के लिए मैं कहना चाहूंगी कि वे क्लास में पढ़ाई के दौरान प्रतियोगिता की भावना विकसित करें। अपनी परफॉर्मेंस सुधारने का इससे अच्छा कोई तरीका नहीं है। साथ ही अपनी तैयारी पर भरोसा रखें।
मानसी के पिता राकेश जायसवाल एक बिजनेसमैन हैं और मां अनीता जायसवाल हाउसवाइफ हैं। मानसी का बड़ा भाई रिषभ इंजीनियर है।
काशिफ ने पिता का सपना किया पूरा
रैंक : प्रदेश में तृतीय
मार्क्स व प्रतिशत : इंटरमीडिएट में 485/500
माता-पिता - तबस्सुम और आसिफ अंसारी
स्कूल - लखनऊ पब्लिक इंटर कॉलेज, राजाजीपुरम
सफलता का श्रेय : अपने परिवार को मैं अपनी सफलता का श्रेय देना चाहूंगा जिन्होंने मुझे हर तरह से मदद की है।
लक्ष्य : इंजीनियर बनना
सक्सेस मंत्र - अपनी सफलता के लिए मैं अपनी नियमित पढ़ाई को श्रेय दूंगा। इसकी वजह से साल केआखिरी में और परीक्षा के दौरान मैं तनावमुक्त रहकर ज्यादा मजबूती और एकाग्रता से पढ़ाई कर सका। दूसरी ओर मैंने अपनी कमजोरियों को पहचानने पर जोर दिया। जो कमजोरियां सामने आती गई, उन्हें अपनी शक्ति बनाया।
टिप्स : मेरी ओर से सबसे पहले सुझाव है कि स्टूडेंट्स ग्रुप स्टडी और सेल्फ स्टडी दोनों करें। इससे खुद को बेहतर बनाने के साथ साथ एक प्रतियोगिता की भावना भी विकसित होती है जो पढ़ाई को मजेदार बना देती है।