यूपी में भ्रष्टाचार रोकने के लिए अब ये कदम उठाएंगे CM योगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन को विस्तृत कार्ययोजना बनाने को कहा है। साथ ही पुलिस की छवि बेहतर हो इसके लिए विभाग को काम करना होगा ताकि जनता में सुरक्षा का भाव महसूस हो।
बुधवार को शास्त्री भवन में गृह, सतर्कता और कारागार विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों में डर पैदा हो और जनता को सुरक्षा का एहसास हो।
उन्होंने कहा कि पुलिस से संबंधित सभी संगठनों में आपस में समन्वय होना चाहिए नहीं तो काम प्रभावित होता है। पुलिस आम जनता से सीधा संवाद करे और छोटी से छोटी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटनाएं बड़े खतरे का कारण न बन सके।
शहर का जाम न बनने पाए मुसीबत
मुख्यमंत्री ने महानगरों में ट्रैफिक सिस्टम में सुधार के निर्देश दिए और कहा कि जाम से निपटने के लिए विस्तृत प्लान तैयार कर उस पर अमल किया जाए। पुलिस थानों को नागरिकों के प्रति उत्तरदायी बनाने के लिए यूपी-100 का पूरा इस्तेमाल किया जाए।
इसमें सुधार की काफी गुंजाइश है। साथ ही यह भी कहा कि यूपी-100 पर शिकायत करने वालों को किसी भी हाल में परेशान ना किया जाए। मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग की कार्य प्रणाली को चुस्त दुरुस्त करने और जांच संबंधी लंबित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस शाखा की इसे पुनर्ठन करने की जरूरत है। भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए जनता को टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
केंद्र सरकार की मदद से बनेंगे नए थाने
मुख्यमंत्री ने आबादी के हिसाब से नए थानों के लिए प्रस्ताव मांगा और केंद्र सरकार के सहयोग से थाना निर्माण की योजना को पुनर्जीवित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को भेदभाव रहित और भ्रष्टाचार मुक्त किया जाए। भर्तियों में खामियों की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने माना की पुलिस में संसाधनों की कमी है। उन्होंने सुरक्षा और शांति के लिए खतरा पैदा करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि थानों में जन सुविधाओं का प्रावधान किया जाए और वहां पर जनता के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार हो। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ जो कोई भी खिलवाड़ करे, उसे सख्ती से रोका जाए।
पुलिस के अंदर के अपराधियों की पहचान भी हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए पुलिस के अंदर के अपराधियों और अपराधियों से सांठ-गांठ रखने वाले पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के आंतरिक अनुशासन पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रकार के माफिया के विरुद्ध अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सामाजिक एवं धार्मिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना, संगठित एवं गंभीर अपराध, साइबर अपराध, आतंकवाद से निपटना बड़ी चुनौती है।
उन्होंने सोशल मीडिया मॉनीटरिंग पर विशेष जोर देने को कहा। उन्होंने पुलिस की अन्य यूनिट पीएसी, एसटीएफ, एटीएस, सुरक्षा शाखा, विशेष सुरक्षा बल और एसडीआरएफ की कार्य प्रणाली को और बेहतर करने को कहा।
उन्होंने फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाने और उन्हें आधुनिक यंत्रों, वाहनों व उपकरणों से लैस करने को कहा। उन्होंने तहसीलों में प्राथमिकता के आधार पर फायर स्टेशन की स्थापना करने के निर्देश दिए।