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Lucknow News: रोजगार की चाहत में पहुंचे युवाओं के भीड़ नियंत्रण में टोकन बना संकटमोचक
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रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ।
- फोटो : संवाद
लखनऊ। तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ के दूसरे दिन युवाओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) में पहले दिन की अव्यवस्थाओं से सीख लेने हुए दूसरे दिन भीड़ नियंत्रण के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया। आईजीपी परिसर के सभी सभागारों के द्वार खोले गए ताकि युवाओं की भीड़ सड़क पर एकत्र न हो। टोकन की व्यवस्था दूसरे दिन संकटमोचन साबित हुई और युवाओं को उनके टोकन नंबर के आधार पर साक्षात्कार का मौका मिला।
रोजगार महाकुंभ के पहले दिन 25 हजार से अधिक युवा पहुंचे थे। इनमें से करीब 5200 को ही साक्षात्कार देने का मौका मिला। हजारों की संख्या में युवा दूसरे दिन भी अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कुछ ने आईजीपी परिसर में रात गुजारी तो कुछ रेलवे स्टेशन या पार्क में जाकर सोए। सुबह सात बजे ही रोजगार महाकुंभ स्थल पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। पहले दिन से रोजगार की आस लगाए बैठे युवाओं को 24 घंटे बाद जब नौकरी का आश्वासन मिला तब जाकर उन्होंने राहत की सांस ली।
सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि पहले दिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की वजह से युवाओं की साक्षात्कार प्रक्रिया देर से शुरू की गई थी। बुधवार को सुबह 10 बजे से पहले ही युवाओं को बुलाना शुरू कर दिया गया। भगदड़ की स्थिति न बने, इसके लिए युवक और युवतियों के लिए अलग-अलग टोकन सिस्टम बनाया गया। इसके अलावा आईजीपी के सभी सभागार खोल दिए गए। हर क्षेत्र की नौकरी के लिए अलग-अलग साक्षात्कार स्थल बनाए गए।
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अर्चना को दूसरे दिन मिला साक्षात्कार का मौका
वाराणसी से आईं किरन मौर्या को 24 घंटे के बाद साक्षात्कार देने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि पहले दिन भीड़ इतनी थी कि आयोजन स्थल के आसपास पैर रखने तक की जगह नहीं थी। मंगलवार शाम चार बजे तक इंतजार के बाद भी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली। बुधवार को टोकन लेकर इंतजार किया। दोपहर दो बजे के बाद साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। उम्मीद है कि नौकरी मिल जाएगी।
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सात से आठ जगहों पर दिया साक्षात्कार
बाराबंकी से आईं अर्चना देवी ने बताया कि सुबह आठ बजे से ही यहां पहुंच गई थी। सुबह इतनी भीड़ थी कि अंदर जाना तो दूर, बाहर खड़े होने तक की जगह नहीं थी। हालांकि, टोकन लेने के दो घंटे बाद उन्हें अंदर जाने की इजाजत मिली। सात से आठ कंपनियों में साक्षात्कार दिया है। उम्मीद है कि कहीं न कहीं से ऑफर मिलेगा।
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अभ्यर्थियों ने लगाया अभद्रता का लगाया
रोजगार महाकुंभ में पहुंचे कुछ युवाओं ने प्रशासन पर अभद्रता का आरोप लगाया। कहा कि रोजगार देने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। सीवी लेकर डाटा तैयार किया जा रहा है। आरोप लगाया कि कुछ सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता की। युवकों को संदिग्ध बताया और कालर पकड़कर बाहर किया। कंपनियों की सूची जारी की गई, लेकिन मौके पर पता चला कि वह कंपनी नहीं आई है।
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रोजगार महाकुंभ के पहले दिन 25 हजार से अधिक युवा पहुंचे थे। इनमें से करीब 5200 को ही साक्षात्कार देने का मौका मिला। हजारों की संख्या में युवा दूसरे दिन भी अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कुछ ने आईजीपी परिसर में रात गुजारी तो कुछ रेलवे स्टेशन या पार्क में जाकर सोए। सुबह सात बजे ही रोजगार महाकुंभ स्थल पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। पहले दिन से रोजगार की आस लगाए बैठे युवाओं को 24 घंटे बाद जब नौकरी का आश्वासन मिला तब जाकर उन्होंने राहत की सांस ली।
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सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि पहले दिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की वजह से युवाओं की साक्षात्कार प्रक्रिया देर से शुरू की गई थी। बुधवार को सुबह 10 बजे से पहले ही युवाओं को बुलाना शुरू कर दिया गया। भगदड़ की स्थिति न बने, इसके लिए युवक और युवतियों के लिए अलग-अलग टोकन सिस्टम बनाया गया। इसके अलावा आईजीपी के सभी सभागार खोल दिए गए। हर क्षेत्र की नौकरी के लिए अलग-अलग साक्षात्कार स्थल बनाए गए।
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अर्चना को दूसरे दिन मिला साक्षात्कार का मौका
वाराणसी से आईं किरन मौर्या को 24 घंटे के बाद साक्षात्कार देने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि पहले दिन भीड़ इतनी थी कि आयोजन स्थल के आसपास पैर रखने तक की जगह नहीं थी। मंगलवार शाम चार बजे तक इंतजार के बाद भी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली। बुधवार को टोकन लेकर इंतजार किया। दोपहर दो बजे के बाद साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। उम्मीद है कि नौकरी मिल जाएगी।
सात से आठ जगहों पर दिया साक्षात्कार
बाराबंकी से आईं अर्चना देवी ने बताया कि सुबह आठ बजे से ही यहां पहुंच गई थी। सुबह इतनी भीड़ थी कि अंदर जाना तो दूर, बाहर खड़े होने तक की जगह नहीं थी। हालांकि, टोकन लेने के दो घंटे बाद उन्हें अंदर जाने की इजाजत मिली। सात से आठ कंपनियों में साक्षात्कार दिया है। उम्मीद है कि कहीं न कहीं से ऑफर मिलेगा।
अभ्यर्थियों ने लगाया अभद्रता का लगाया
रोजगार महाकुंभ में पहुंचे कुछ युवाओं ने प्रशासन पर अभद्रता का आरोप लगाया। कहा कि रोजगार देने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। सीवी लेकर डाटा तैयार किया जा रहा है। आरोप लगाया कि कुछ सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता की। युवकों को संदिग्ध बताया और कालर पकड़कर बाहर किया। कंपनियों की सूची जारी की गई, लेकिन मौके पर पता चला कि वह कंपनी नहीं आई है।

रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ। - फोटो : संवाद

रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ। - फोटो : संवाद

रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ। - फोटो : संवाद

रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ। - फोटो : संवाद

रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ। - फोटो : संवाद

रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ। - फोटो : संवाद

रोजगार महाकुंभ में पहुंचे युवा और टोकन सिस्टम से कतारबद्ध होकर इंटरव्यू देते अभ्यथीZ। - फोटो : संवाद