संभल कर खाएं समोसा वरना हो सकता है हार्टअटैक
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क्या आपको पता है कि बाजार का समोसा आपको हार्ट अटैक की बीमारी दे सकता है? वैज्ञानिकों का कहना है कि तेल में समोसे को डीप फ्राई करने पर उसमें जो केमिकल बन जाते हैं वो हमारे लिए बहुत हानिकारक होते हैं।
सीएसआईआर-आईआईटीआर में सोमवार को खाद्य सुरक्षा पर आयोजित व्याख्यान में वरिष्ठ वैज्ञानिक और पूर्व निदेशक सीएसआईआर-सीमैप डॉ. एसपीएस खनुजा का कहना है कि केवल ट्रांस-फैट बनने का पता करने का एक ही तरीका है- तेल में से धुंआ निकलना।
यह हार्ट के लिए खतरा है। किचन में भी तेल को इतना गर्म न करें कि उसमें से धुआं निकलना शुरू हो जाए। यह प्रक्रिया देशी घी में भी होती है। ऐसे में सब्जी के ऊपर से ही घी डालें।
तेल में मौजूद फैट एसिड बार-बार खौलाने पर ट्रांस-फैट में बदलने लगता है। यह ट्रांस-फैट शरीर में समोसा खाने के बाद ट्राईग्लिसराइड्स में बदलता है। रक्तसंचार में बाधक यह केमिकल कॉलेस्ट्रोल को बढ़ा देता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। यह समोसा ही नहीं बल्कि पूड़ी, पराठा जैसी चीजों को डीप फ्राई करने में भी होता है।
इलाज अनजाने में बन रहा बीमारी
दो-तीन पत्ती से ज्यादा तुलसी की डालने पर यूजीनॉल नामक तत्व पैदा बनता है जोकि शरीर की कोशिकाओं को खत्म करता है। इससे पेट की बीमारियां हो सकती हैं।
जूस निकालने की एक प्रक्रिया है। इसमें एलोवेरा की स्किन में सुनहरे रंग का मिलने वाला द्रव्य को हटा देना चाहिए। इसमें एलोईन होता है जोकि अल्सर पेट में बना देता है।
हरा टमाटर तभी फायदेमंद है जब यह छोटा हो। बड़ा होने पर इसमें केमिमल टॉमेटीन बन जाता है। यह पकने पर टमाटर को लाल बनाता है। अब टमाटर को लाल होने पर ही खाएं।
सीमैप के पूर्व निदेशक डॉ. एसपीस खनुजा ने बताया, हमें जीएम फसलों से भी उतना खतरा नहीं है जितना खुद ही हर्बल ट्रेंड के चलते पौधों से खुद का इलाज शुरू कर देना है। उनको पूरे बदलाव से पहले उपयोग करना भी आपको शारीरिक नुकसान पहुंचा देगा। हर पौधे या फल की अपनी प्रक्रिया है जोकि एक तय समय पर ही फायदा पहुंचाती है।