{"_id":"67a82555a004a255860b6669","slug":"tiger-roaming-in-lucknow-rehmankhera-for-65-days-attacked-pet-animal-people-are-terrified-2025-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ में बाघ का खौफ: इस बार पालतू जानवर पर किया हमला; चरवाहे ने सांड समझकर डंडा फेंका... हकीकत देख उड़े होश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ में बाघ का खौफ: इस बार पालतू जानवर पर किया हमला; चरवाहे ने सांड समझकर डंडा फेंका... हकीकत देख उड़े होश
Sun, 09 Feb 2025 09:17 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 09 Feb 2025 09:17 AM IST
सार
लखनऊ में 65 दिनों से बाघ का खौफ बरकरार है। इस बार बाघ ने पालतू जानवर पर हमला किया। चरवाहे ने सांड समझकर डंडा फेंककर मारा। बाघ देखकर उसके होश उड़ गए।
विज्ञापन
जांच करती वन विभाग की टीम
- फोटो : संवाद
विस्तार
राजधानी लखनऊ में काकोरी के रहमानखेड़ा में 65 दिनों से घूम रहे बाघ ने शनिवार को पहली बार पालतू जानवर पर हमला किया। गाय को घायल करने का पता लगते ही इलाके में दहशत फैल गई। बाघ अब तक 19 शिकार कर चुका है।
विज्ञापन
सहिलामऊ गांव के पीआरडी गार्ड नौमी लाल ने बताया कि दोपहर चार बजे उनका बेटा धीरू 15 गायों को चराकर लौट रहा था। रेलवे क्रॉसिंग गेट से करीब 200 मीटर पहले खड़ंजे पर सबसे आगे चल रही गाय पर आम के बाग से निकले बाघ ने हमला कर दिया। धीरू ने सांड समझकर भगाने के लिए डंडा फेंककर मारा तो बाघ गाय को छोड़कर बागों की ओर भाग निकला।
विज्ञापन
उसे देखकर दहशत में आए धीरू पास की झाड़ियों में छिप गए। थोड़ी देर बाद वह गोवंशों को लेकर घर पहुंचे और पिता, ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी नौमी लाल के घर पहुंचे। टीम ने गाय की गर्दन व पीठ पर निशान देखकर बाघ के हमला करने की पुष्टि की। कर्मचारियों ने कहा, रविवार सुबह मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा।
विज्ञापन
मीठेनगर व रहमानखेड़ा में मिली मौजूदगी
ट्रेकिंग टीम को बाघ की मौजूदगी शनिवार सुबह मीठेनगर व रहमानखेड़ा में मिली। बाघ को घेरने के लिए केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से रेलवे लाइन पार कर उलरापुर की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया है। संस्थान में इस ओर से आने वाले सिर्फ एक रास्ते को खुला रखा गया है। इसी रास्ते पर खुला पिंजरा भी लगाया गया है। हालांकि, यह तरकीब भी काम नहीं आई है।