2019 में कट सकते हैं यूपी के कुछ सांसदों के टिकट, कार्यकर्ताओं ने अमित शाह को दिया फीडबैक
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दो दिवसीय दौरे के पहले दिन मिर्जापुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को कुछ विस्तारकों ने बूथों पर बीएलओ के मौजूद न रहने और कुछ जगह पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिये मतदाता सूची में नाम शामिल कराने में आने वाले गतिरोध की जानकारी दी। इस दौरान कुछ ने अपनी लिखित रिपोर्ट भी शाह को सौंपी।
बताया जाता है कि बैठक में ये रिपोर्टें उन सांसदों, मंत्रियों और पार्टी के लोगों के बारे में थीं जो ग्राम चौपाल और पार्टी के अन्य अभियानों में सक्रिय नहीं रहे। बताया जा रहा है कि शाह की इस बैठक के निष्कर्ष पूर्वी यूपी के कुछ मौजूदा सांसदों के टिकट कटने का कारण बन सकते हैं।
कारण, शाह ने अपने प्रवास के दौरान यह समझने में भी विशेष दिलचस्पी ली है कि सांसदों का अपने क्षेत्र के लोगों से संपर्क व संवाद कैसा है। बताया जाता है कि कुछ का चुनाव क्षेत्र बदला जा सकता है।
कैसे पहुंचे 50 प्रतिशत के पार वोटों का आंकड़ा
शाह ने सभी विस्तारकों को बूथों का वर्गीकरण करने का काम सौंपा। कहा कि जिन बूथों पर अभी तक कमेटियां नहीं बन पाई हैं, वहां गठित कर ली जाएं। साथ ही बूथवार वोट बढ़ाने की संभावनाओं पर भी गौर किया जाए।
उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के गठबंधन के चलते भाजपा को सभी जगह 50 प्रतिशत से अधिक मत लेने का लक्ष्य लेकर काम में जुटना है। इसके लिए पुराने समर्थकों को सहेजते हुए उन नए लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाए जिनका वोट अभी तक नहीं मिला है। साथ ही पहली बार मतदाता बनने वालों पर खास फोकस करते हुए उन्हें मोदी और योगी सरकार के कामों के सहारे पार्टी के पक्ष में खड़ा करने की कोशिश की जाए।
तीन तलाक जैसे मुद्दों के जरिये मुस्लिम महिलाओं को भी पार्टी के पक्ष में लामबंद करने का मंत्र दिया गया। कई अभियानों और नेताओं के दौरों का खाका भी खींचा गया है। जल्द ही इसकी घोषणाएं हो जाएंगी।
बृहस्पतिवार को आगरा में मंथन
शाह ने मिशन 2019 की तैयारियों के लिए मिर्जापुर के विंध्यवासिनी धाम में पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक कार्यकर्ता विस्तारकों, क्षेत्रीय अध्यक्षों, क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों, प्रदेश महामंत्रियों, क्षेत्रीय प्रभारियों और लोकसभा प्रभारियों की बैठक बुलाई थी। वहीं, बैठक में गोरखपुर, काशी और अवध क्षेत्र के लोग शामिल थे। अब बृहस्पतिवार को आगरा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बैठक बुलाई गई है, जिसमें बृज, कानपुर-बुंदेलखंड और पश्चिमी क्षेत्र के लोग हिस्सा लेंगे।