फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   tickets cancelled by SP of its MLAs.

सपा में अब तक 37 विधायकों के टिकट कटे, कई और लाइन में

Mon, 06 Feb 2017 10:21 AM IST
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 06 Feb 2017 10:21 AM IST
विज्ञापन
 tickets cancelled by SP of its MLAs.
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

समाजवादी पार्टी अभी तक 37 विधायकों का टिकट काट चुकी है। कहीं क्षेत्र में लोगों का असंतोष तो कहीं पार्टी की लाइन के खिलाफ जाकर काम करने का खामियाजा इन विधायकों को भुगतना पड़ा।

विज्ञापन


सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने के चलते भी कई मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं मिल सका या उनका टिकट कटना तय हो चुका है। करीब दर्जन भर विधायकों के टिकट पारिवारिक विवाद की भेंट भी चढ़ गए।
विज्ञापन


वर्ष 2012 के चुनाव में सपा के 224 विधायक जीते थे, जिनमें से 16 फीसदी पर सपा ने इस बार भरोसा नहीं किया। उन्नाव के विधायक कुलदीप सेंगर ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम किया, जो उनके टिकट कटने का मुख्य आधार बना।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीतापुर से विधायक रामपाल यादव ने भी जिला पंचायत चुनाव में सपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बेटे को चुनाव लड़ाया था, जिसके चलते सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उनसे नाराज हो गए। उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।

सपा महासचिव के खिलाफ बोलने पर एटा के विधायक आशीष यादव को टिकट दिया गया। हालांकि, आशीष यादव बागी होकर रालोद के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।

इसलिए काटे गए इनके टिकट

 tickets cancelled by SP of its MLAs.

डिबाई के विधायक गुड्डू पंडित और शिकारपुर के विधायक मुकेश शर्मा ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग करके सपा नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह किया था। गोपालपुर के विधायक और मंत्री वसीम अहमद से क्षेत्र के मुसलमान ही नाराज बताए जाते हैं। उन्हें भी टिकट नहीं मिला।

बरहज के विधायक प्रेम प्रकाश का नाम जमीन संबंधी विवादों में आने के कारण पार्टी ने उन पर भी दांव नहीं चला। वहीं, पारिवारिक विवादों से चर्चा में रहीं विधायक लक्ष्मी गौतम पर भी सपा ने भरोसा नहीं किया।

संडीला के विधायक महावीर सिंह के स्थान पर हाल ही में बसपा से आए अब्दुल मन्नान पर पार्टी ने दांव खेला है। बालामऊ से विधायक अनिल वर्मा खुले मंच से सपा के महासचिव व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल का विरोध करते रहे हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

शाहबाद के विधायक बाबू खां की अधिक उम्र को देखते हुए उनके बेटे सरताज को टिकट दिया गया है। इसके अलावा शादाब फातिमा और नारद राय समेत कई विधायकों को शिवपाल यादव से उनकी नजदीकी के चलते पार्टी ने चुनाव मैदान में नहीं उतारा। सरेनी से सपा विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, हरचंदपुर से सुरेंद्र विक्रम सिंह, बछरावा से रामलाल अकेला और सलोन से विधायक आशा किशोर को कांग्रेस के साथ गठबंधन के कारण टिकट नहीं मिल सका।

इन विधायकों को अब तक टिकट काट चुकी है सपा

 tickets cancelled by SP of its MLAs.

आशीष यादव (एटा), विजय मिश्रा (भदोही), विजय मिश्रा (गाजीपुर), शादाब फातिमा (गाजीपुर), नारद राय (बलिया), अजित कठेरिया (कायमगंज सुरक्षित, फर्रुखाबाद), वसीम अहमद (गोपालपुर, आजमगढ़), प्रमोद गुप्ता (औरेया), जमीरुल्ला (अलीगढ़), शमीम-उल-हक (मुरादाबाद देहात), लक्ष्मी गौतम (चंदौसी, संभल), भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित (डिबाई, बुलंदशहर), मुकेश शर्मा (शिकारपुर, बुलंदशहर), अशफाक अली (नौगवां सादात, अमरोहा), महावीर सिंह (संडीला), अनिल वर्मा (बालामऊ), रामपाल यादव (सीतापुर), कुलदीप सेंगर (उन्नाव), रामलाल अकेला (बंछरावा), सुरेंद्र विक्रम उर्फ पंजाबी सिंह (हरचंदपुर, रायबरेली), रघुराज शाक्य (इटावा), चंद्रा रावत (मोहनलाल गंज), शारदा प्रताप शुक्ला (सरोजनीनगर), इंदल रावत (मलिहाबाद), नजीबा खान जीनत (पटियाली, कासगंज), रामचंद्र चौधरी (कादीपुर, सुल्तानपुर), प्रशांत सिंह (हड़िया, इलाहाबाद), राम मगन (जैदापुर, बाराबंकी), प्रेम प्रकाश (बरहज, देवरिया), शेर बहादुर सिंह (जलालपुर, अंबेडकरनगर), कुलदीप सेंगर (उन्नाव), ब्रजलाल सोनकर (मेहनगर, आजमगढ़), झीन बाबू (सेवता, सीतापुर), सुब्बाराव (झखनिया, गाजीपुर), देवेंद्र प्रताप सिंह (सरेनी, रायबरेली), आशा किशोर (सलोन, रायबरेली) और बाबू खां (शाहबाद, हरदोई)।

कुछ पार्टी लाइन के खिलाफ गए तो कुछ बसपा में...

 tickets cancelled by SP of its MLAs.

इस पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल का कहना है कि पार्टी ने बहुत सोच समझकर टिकट बांटे हैं। कई विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में वोट दिया। कुछ बसपा से मिल गए। आप ही बताइए उन्हें टिकट कैसे दिया जा सकता था।

कुछ जगहों पर बड़ी तादाद में मतदाता ही विधायक के खिलाफ हो गए, तो वहां भी टिकट काटना हमारी मजबूरी बन गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed