Lucknow: चाय पीने के मामूली विवाद में युवक की एक्सयूवी 500 से कुचलकर हत्या, दो भाई घायल
लखनऊ के एक इलाके में गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद में एसयूवी सवारों ने तीन भाइयों को रौंद दिया। एक की मौत हो गई।
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लखनऊ में अलीगंज के गल्लामंडी के पास रविवार तड़के 4 बजे दीपू व उसके भाइयों से तीन दबंगों का विवाद हो गया। मामला मौके पर मौजूद लोगों ने शांत कराया। दोनों पक्षों में समझौता कराया। इसके बाद भी दबंग अपनी ठसक दिखाने के लिए तीनों भाइयों के घर धमक पड़े। दबंगई दिखाते हुए एक्सयूवी500 सवार दबंगों ने तीन भाइयों को कुचल दिया। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गये। तीनों को ट्रामा सेंटर भेजा गया। जहां दीपू गौतम (40) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोपहर तीन बजे तक तीनों आरोपियाें को गिरफ्तार कर लिया। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव अहिबरनपुर पावर हाउस के पास शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस को लोगों को शांत कराने में दो घंटे लग गये। इस दौरान यातायात पूरी तरह से बाधित रहा।
पुलिस के मुताबिक सीतापुर रोड पर अहिबरनुपर पावर स्टेशन के पास दीप कुमार गौतम उर्फ दीपू डाला चलाता था। शनिवार रात वह माल सप्लाई करने के लिए गाजीपुर गया हुआ था। रात तीन बजे करीब वह घर लौट रहा था। मदेयगंज खदरा स्थित एक होटल पर दीपू ने डाला रोका था। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर वह चाय पीने लगा। इस बीच बाइक और कार से कुछ युवक आ गए। जिन्होंने लगातार हार्न बजाते हुए डाला हटाने के लिए कहा। दीपू ने कुछ युवकों से थोड़ा आगे गाड़ी लगाने के लिए कह दिया। जिस पर युवक गाली गलौज करने लगे। विवाद बढ़ते देख होटल संचालक ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया। जिसके बाद दीपू डाला लेकर घर की तरफ चल दिया। खदरा से निकलते ही आरोपी बाइक और कार से दीपू का पीछा करते हुए अहिबरनपुर पहुंच गए। वहां भी काफी विवाद हुआ। शोर शराबा सुनकर दीपू के भाई राकेश और मुकेश आ गए। जिन्होंने युवकों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी बात सुनने को तैयार नहीं थे। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों में कहासुनी होती रही। जिसके बाद दीपू और उसके भाई घर जाने लगे। इस बीच ही आरोपियों ने एक्सयूवी500 से सगे भाइयों को कुचल दिया। राकेश व मुकेश गंभीर रुप से घायल हो गये। वहीं दीपू कार में फंस कर कुछ दूर तक घिसटता चला गया।
शव रखकर प्रदर्शन, मुआवजे की मांग
दोपहर में करीब दो बजे पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द किया। परिजन शव लेकर अहिबरनपुर पहुंचे। वहां पावर हाउस केपास शव को सीतापुर रोड पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन केदौरान पीड़ित परिवार मुआवजे व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा था। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अलीगंज एसीपी आशुतोष कुमार व अलीगंज इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ पहुंचे। लेकिन परिजन उनकी बात नहीं मान रहे थे। इसी बीच डीसीपी उत्तरी कासिम आब्दी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सरकार की तरफ से उचित मुआवजा और तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। प्रदर्शन केकारण करीब दो घंटे तक सीतापुर रोड पर यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। पुलिस के मुताबिक शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
हत्या का केस दर्ज, तीनों नामजद गिरफ्तार
डीसीपी उत्तरी सैय्यद कासिम आब्दी के मुताबिक चाय के होटल पर गाड़ी हटाने को लेकर विवाद में वारदात की गई है। दीपू की मौत हो गई। वहीं उसके दो भाइयों राकेश और मुकेश की हालत खतरे से बाहर है। इस मामले में राकेश की तहरीर पर ऋषभ श्रीवास्तव, अनुज गुप्ता, साहिल सोनकर को नामजद व 10-15 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए तहरीर दी गई। जिस पर हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, एससीएसटी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने वारदात के तत्काल बाद ऋषभ श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। वहीं दोपहर तक अन्य दोनों आरोपियों अनुज गुप्ता व साहिल सोनकर को दबोच लिया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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ऋषभ बोला कार टकराने पर हुआ था विवाद
आरोपी ऋषभ ने पुलिस की पूछताछ मेंबताया कि एक्सयूवी में डाला ने टक्कर मारी थी। इसी कारण उसका पीछा करके चालक को पकड़ने की कोशिश की थी। जिसके कारण विवाद बढ़ गया। उधर, दीपू की पत्नी रोशनी पति की मौत के बाद बेहाल हो गई है। वह अपने बेटे ऋषभ व बेटी गुड्डी को सीने से चिपकाकर रोती रही। उसने सरकार से परवरिश केलिए मुआवजे की मांग की है।
चाय की दुकान के पास कर रहे थे नशेबाजी
दीपू के भाई मुकेश के मुताबिक भाई दीपू ने बताया था कि पाल चाय के पास एक दोस्त को देखकर नमस्कार किया। इसी बीच वहां नशेबाजी कर रहे युवकों ने समझा कि उन पर कोई कमेंट किया है। इस पर गाली गलौज शुरू कर दी। ये लोग घर तक पहुंचे। पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। भाई ही पूरे परिवार का खर्च चलाते थे।
पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की दी थी धमकी
मृतक दीपू के भाइयों के मुताबिक कार सवार युवकों ने मारपीट के बाद पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके कुछ ही देर बाद उनका एक ग्रुप और आ गया। जिसके बाद सभी को जान से मारने की धमकी देते हुए कार चढ़ा दी। हम दोनों किनारे होने के चलते उछलकर दूर जा गिरे। वहीं भाई कार के नीचे आ गया। सिर में गंभीर चोट आने से उनकी मौत हो गई। वहीं हम लोगों के सिर, हाथ और कमर में चोट आई।