ट्रॉमा में भर्ती एक मरीज की हालत गंभीर, दो में सुधार, बवाल के दौरान फायरिंग में घायल हो गए थे लोग
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लखनऊ में केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती बृहस्पतिवार को हुए बवाल में जख्मी हुए तीनों घायलों में से मोहम्मद वसीम की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि जिलानी और समीम की हालत में सुधार है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्जरी के दौरान उनके पेट में गोली नहीं मिली है।
गोली पेट को चीरते हुए निकल गई थी। ऐसे में यह गोली तमंचे की है या रिवॉल्वर की, इसका अंदाजा नहीं मिल पाया है। कैसरबाद के मलकागंज फाटक निवासी वसीम (55) के सिर में गंभीर चोटें हैं। उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में वेंटिलेटर पर रखा गया है।
इनके भाई इदरीश ने बताया कि उनकी नजीराबाद में दुकान है। गुरुवार को वसीम दुकान पर जाने के लिए निकले थे। इस दौरान बारादरी के पास हुए पथराव में घायल हो गए हैं। इदरीश ने बताया कि देर शाम तक वसीम के घर नहीं लौटने के बाद वे थाने गए। वहां से भी कोई जानकारी नहीं मिली।
इस दौरान पता चला कि कुछ लोगों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। यहां आने पर पता चला कि घायलों में वसीम भी शामिल हैं। वह अभी बोल नहीं पा रहे हैं। इसी तरह हुसैनगंज निवासी मोहम्मद शमीम (18) को पेट में बायीं तरह गोली लगी है। गोली पीठ से घुसी है और पेट की ओर से निकल गई है। इनकी सर्जरी हो गई है। अब हालत में सुधार है।
दो की हालत में सुधार
शमीम की बहन माहिरा ने बताया कि उसका भाई मजदूरी करता है। गुरुवार को भी काम पर निकला था। आरोप लगाया कि लौटते वक्त पुलिस फायरिंग में उसे गोली लगी है। संयोग से उसकी जान बच गई। तीसरे घायल जिलानी (17) हैं। इनके भी पीठ से घुसी गोली पेट को चीरते हुए निकल गई है।
जिलानी चौपटिया का रहने वाला है और गुरुवार को अपने घर खदरा लौट रहा था। इस बीच बवाल में फंस गया। उसके पिता मोहम्मद नईम का आरोप है कि उपद्रव के बीच फंसने से वह भागने लगा। इस दौरान हुई फायरिंग में उसके बेटे को गोली लगी है।
एक मरीज की हालत गंभीर है। दो की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। गोली लगने वाले दोनों मरीजों की सर्र्जरी कर दी गई है। सर्जरी के दौरान गोली नहीं मिली है। - प्रो. संदीप तिवारी, विभागाध्यक्ष ट्रामा सर्जरी।