आउटर रिंग रोड के निर्माण में लापरवाही से हादसा, 150 टन भारी बीम गिरी, तीन घायल
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105 किमी लंबे आउटर रिंगरोड के निर्माण में लापरवाही से सोमवार को हादसा हो गया। फ्लाईओवर बनाने को रखे जाते समय 35 मीटर लंबी 150 टन वजन की बीम करीब 18 मीटर की ऊंचाई से गिर गई। इससे तीन कर्मचारी घायल हो गए। इनमें से दो को गंभीर हालत में पास के निजी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जांच में पता चला कि बीम रखे जाते वक्त क्रेन से उठाने के लिए लगाई बेल्ट का हुक निकल जाने से हादसा हुआ। वहीं, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का कहना है कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।
सोमवार शाम को दो क्रेन की मदद से प्री-कास्ट की गई कंक्रीट और सरिया से बनी बीम को रखा जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीम उठाने के बाद क्रेन से लटकाने को उपयोग होने वाली बेल्ट का हुक निकल गया। इससे ही बेल्ट क्रेन और बीम को लिंक करती है। 150 टन की बीम गिरने के बाद दो टुकड़ों में बंट गई। हादसे में क्रेन ऑपरेटर विवेक यादव और बेल्ट लगाने वाला इब्राहीम घायल हो गए।
पीडब्ल्यूडी की बनाई सड़क होनी है लिंक
जिस फ्लाईओवर की बीम गिरी है उससे एनएचएआई के बनाए आउटर रिंगरोड से फैजाबाद रोड की दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी के बनाए रिंगरोड को जोड़ा जाना है।
लापरवाही से लगाई बेल्ट?
बेल्ट निकल जाने को कार्यदायी कंपनी के स्टाफ की लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। यह लापरवाही इसलिए भी समझ में आती है क्योंकि लखनऊ में ही मेट्रो इसी तरह प्री-कास्ट किए गए यू-गर्डर और पीयरकैप को क्रेन से ही पिलर्स के ऊपर रखती है। 1000 से अधिक यू-गर्डर रखे जा रहे हैं, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ।
परियोजना निदेशक बोले, नहीं हुआ कोई घायल
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पी. शिवशंकर ने बताया कि काम के दौरान कोई स्टाफ नीचे न होने से बीम गिरी। क्रेन को सपोर्ट करने वाला ही स्टाफ था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हादसे में कोई भी मजदूर घायल नहीं हुआ है।