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तीन चौथाई ने इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कोर्स को किया रिजेक्ट

Tue, 23 Jul 2013 10:12 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 23 Jul 2013 10:12 AM IST
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 three fourth students reject engineering management courses

राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई)-2013 से इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट की सीटें भरने का इंतजार कर रहे कॉलेज प्रबंधनों को करारा झटका लगना तय हो गया है।

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इस बार छात्रों ने दाखिला लेने में काफी बेरुखी दिखाई है। सूरते हाल ये है कि अभी तक प्रदेश के इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में उपलब्ध सीटों के सापेक्ष सिर्फ 26 प्रतिशत छात्र ही एडमिशन के लिए आए हैं।
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मंगलवार को इसके नतीजे भी सामने आने हैं और सुबह नौ बजे फर्स्ट राउंड का अलॉटमेंट रिजल्ट घोषित किया जाएगा। जानकारों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में तमाम शिक्षण संस्थानों की एसईई से 50 प्रतिशत सीटें भी भर जाएं तो गनीमत होगी।
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वहीं, इस बार बड़े संस्थानों को भी छात्रों को जुटाने के लिए पापड़ बेलने पड़ सकते हैं। राजधानी समेत प्रदेश भर में करीब 750 इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट शिक्षण संस्थान हैं। इनमें संचालित विभिन्न कोर्सों में 2,03,834 सीटें हैं। इस सीटों पर दाखिले के लिए आठ जुलाई से काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई थी।


नौ से 17 जुलाई तक छात्रों ने चॉइस लॉक की। इसके नतीजे काफी चौंकाने वाले रहे हैं। छात्रों की बेरुखी का आलम ये है कि सिर्फ 26.7 प्रतिशत सीटों पर ही चॉइस लॉक की गई है। यानी करीब 54,600 छात्र ही दाखिला लेने के लिए सामने आए हैं।

जीबीटीयू से संबद्ध कॉलेजों में दाखिले की इतनी खराब स्थिति के लिए जानकार गुणवत्ता में आई गिरावट को जिम्मेदार बता रहे हैं। उनकी मानें तो आज भी मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों का क्रेज वैसा ही है, जैसा पहले था, लेकिन अब छात्र समझदार हो गए हैं।

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