खड़े ट्रक में भिड़ी एंबुलेंस,बीमार महिला समेत तीन लोगों की मौत
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कई दिनों से बीमार थी महिलाउन्नाव में एक बीमार महिला को इलाज के लिए कानपुर हैलट से लखनऊ ट्रामासेंटर लेकर जा रही एंबुलेंस लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अजगैन थानाक्षेत्र में मौरंग लदे ट्रक में पीछे से भिड़ गई।
हादसे में बीमार महिला और साथ में बैठी दो बेटियों की मौत हो गई। कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के ढाका पुरवा गांव निवासी विद्यावती रैदास (45) पत्नी स्व.राधेश्याम कई दिनों से बीमार थी। परिजनों ने उसे कानपुर हैलट में भर्ती कराया था।
इलाज के बाद भी हालत में सुधार न होने पर शनिवार को विद्यावती को डॉक्टरों ने लखनऊ ट्रामासेंटर रेफर कर दिया। रात करीब बारह बजे विद्यावती को उसकी बेटी पप्पी (28) पत्नी नन्हे निवासी बरेवा थाना बिल्हौर और मंजू (16) पुत्री स्व. राधेश्याम गांव में ही रहने वाले संजय सिंह (28) पुत्र धर्मवीर की मदद से एक प्राइवेट एंबुलेंस से लखनऊ लेकर जा रहे थे।
बच्चों से छिना मां का साया
वैन में पप्पी की बेटी सपना (8) और डेढ साल का बेटा आदित्य भी था। शनिवार रात करीब एक बजे लखनऊ-कानपुर हाईवे पर वैन अजगैन थानक्षेत्र में पक्षीविहार के पास पहुंची थी तभी हाईवे पर खड़े मौरंग लदे ट्रक में एंबुलेंस पीछे से भिड़ गई।
टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक भाग निकला। सूचना मिलने पर करीब दो घंटे बाद छह बजे पुलिस मौके पर पहुंची और वैन को काटकर भीतर फंसे घायलों को बाहर निकाला। मगर तब तक विद्यावती की मौत हो चुकी थी।
एंबुलेंस की व्यवस्था कर पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा जहां से नाजुक हालत में कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर लेकर जाते समय मृतका विद्यावती की दोनों बेटियों पप्पी और मंजू की भी मौत हो गई। जबकि पप्पी के दोनों बच्चे ठीक हैं।
हादसे में घायल संजय सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर मौजूद बिल्हौर के सपा नेता गगन ठाकुर ने बताया कि संजय का बांया पैर व हाथ बुरी तरह फ्रैक्चर है। उनके मुताबिक डॉक्टरों का कहना है कि संजय का बायां हाथ-पैर ऑपरेशन कर काटना भी पड़ सकता है।