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आईआईआईटी लखनऊ के प्रथम दीक्षांत समारोह में तीन बैच के छात्रों को मिला मेडल
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यह एकदम सही समय है जब आप डिग्री प्राप्त कर पहचान बनाने जा रहे हैं। कोरोना के चलते इस वक्त कई चुनौतियां हैं।
यही समय है कि जब आप तकनीकी ज्ञान से विश्व को नई दिशा दे सकते हैं, नई राह पर ला सकते हैं और एक उच्च कोटी के नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर सकते हैं।
आप आधुनिक तकनीकी ज्ञान और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण हैं, कल के लीडर आप ही हैं। यह बातें कहीं बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यूएसए के प्रबंध निदेशक व वरिष्ठ सलाहकार शिशिर अग्रवाल ने।
मौका था अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) लखनऊ के प्रथम दीक्षांत समारोह का।
वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। समारोह में 80 छात्रों को डिग्री और नौ मेधावियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल से सुशोभित किया गया।
शिशिर अग्रवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको अपने ऊपर गर्व होना चाहिए, क्योंकि आपने अब तक सबसे मुश्किल समय यानी कोरोना काल की चुनौतियों को पार करते हुए पढ़ाई पूरी की।
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इसका श्रेय आपके माता-पिता को भी जाता है जिन्होंने आपको यहां तक पहुंचाने में कई त्याग किए। उन्होंने कहा कि 30 वर्षों में गरीबी के दर में 50 प्रतिशत की देखी गई है।
लेकिन अभी भी समाज में बराबरी का भाव नहीं है। सभी को समान अवसर नहीं मिलते हैं। कोई ज्यादा धनी है तो कोई मध्य वर्ग से भी नीचे। इस खाई को आप सभीको अपनी नवीन तकनीकी के ज्ञान, विभिन्न आधुनिक तकनीकों से पाटना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पहले से ज्यादा लोग जीवन जीते हैैं और ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। प्राकृतिक आपदाएं, एक्सीडेंट और युद्ध आदि घटना व दुर्घटनाओं में मृत्यु दर काफी कम हुई है।
पिछले 50 सालों में मृत्यु दर 80 प्रतिशत तक कम हुई है। तकनीकी का प्रयोग कर नई दवाएं ईजाद की जा रही हैं, कई नए स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं जो मरीजों को स्वस्थ करने में मददगार साबित हो रहे हैं। इस क्रम को तकनीकी प्रयोग से और आगे बढ़ाना है।
आप सभी बने अब पहले ब्रांड एंबेस्डर
आईआईआईटी लखनऊ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन के संजय मूर्ति ने छात्रों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप सभी संस्थान के पहले एल्युमनाई हैं। पहले ब्रांड एंबेस्डर बन गए हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें नवीन तकनीक को बढ़ावा दिया गया है। बहुविषयी पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। उम्मीद है कि संस्थान पूरी तरह से नई शिक्षा नीति को जल्द ही अपना लेगा।
अच्छे पैकेज पर हो रहा छात्रों का चयन
संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण मोहन शेरी ने संस्थान के अब तक की विकास रिपोर्ट को साझा किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार एमबीए इन डिजिटल बिजनेस पाठ्यक्रम की शुरूआत की गई। 2015 में इलाहाबाद कैंपस के कुछ कमरों में इसकी शुरूआत की गई और आज लखनऊ के कैंपस में 800 छात्र पढ़ते हैं। यहां से पढ़े छात्रों को अच्छे पैकेज पर चयन हो रहा है। सत्र 2020-21 में छात्रों को अधिकतम 43 लाख रुपये सालाना का पैकेज ऑफर हुआ जो 2022 में बढ़कर डेढ़ करोड़ रुपये सालाना हो गया। प्रथम दीक्षांत समारोह में 2015-16, 16-17 और 17-18 बैच के छात्रों का दीक्षांत हुआ। पहले बैच का दीक्षांत समारोह किसी कारण वश नहीं हो पाया, जबकि बाकी दो बैच का दीक्षांत कोरोना के चलते स्थगित कर दिया गया था।
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यही समय है कि जब आप तकनीकी ज्ञान से विश्व को नई दिशा दे सकते हैं, नई राह पर ला सकते हैं और एक उच्च कोटी के नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर सकते हैं।
आप आधुनिक तकनीकी ज्ञान और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण हैं, कल के लीडर आप ही हैं। यह बातें कहीं बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यूएसए के प्रबंध निदेशक व वरिष्ठ सलाहकार शिशिर अग्रवाल ने।
मौका था अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) लखनऊ के प्रथम दीक्षांत समारोह का।
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वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। समारोह में 80 छात्रों को डिग्री और नौ मेधावियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल से सुशोभित किया गया।
शिशिर अग्रवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको अपने ऊपर गर्व होना चाहिए, क्योंकि आपने अब तक सबसे मुश्किल समय यानी कोरोना काल की चुनौतियों को पार करते हुए पढ़ाई पूरी की।
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इसका श्रेय आपके माता-पिता को भी जाता है जिन्होंने आपको यहां तक पहुंचाने में कई त्याग किए। उन्होंने कहा कि 30 वर्षों में गरीबी के दर में 50 प्रतिशत की देखी गई है।
लेकिन अभी भी समाज में बराबरी का भाव नहीं है। सभी को समान अवसर नहीं मिलते हैं। कोई ज्यादा धनी है तो कोई मध्य वर्ग से भी नीचे। इस खाई को आप सभीको अपनी नवीन तकनीकी के ज्ञान, विभिन्न आधुनिक तकनीकों से पाटना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पहले से ज्यादा लोग जीवन जीते हैैं और ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। प्राकृतिक आपदाएं, एक्सीडेंट और युद्ध आदि घटना व दुर्घटनाओं में मृत्यु दर काफी कम हुई है।
पिछले 50 सालों में मृत्यु दर 80 प्रतिशत तक कम हुई है। तकनीकी का प्रयोग कर नई दवाएं ईजाद की जा रही हैं, कई नए स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं जो मरीजों को स्वस्थ करने में मददगार साबित हो रहे हैं। इस क्रम को तकनीकी प्रयोग से और आगे बढ़ाना है।
आप सभी बने अब पहले ब्रांड एंबेस्डर
आईआईआईटी लखनऊ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन के संजय मूर्ति ने छात्रों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप सभी संस्थान के पहले एल्युमनाई हैं। पहले ब्रांड एंबेस्डर बन गए हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें नवीन तकनीक को बढ़ावा दिया गया है। बहुविषयी पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। उम्मीद है कि संस्थान पूरी तरह से नई शिक्षा नीति को जल्द ही अपना लेगा।
अच्छे पैकेज पर हो रहा छात्रों का चयन
संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण मोहन शेरी ने संस्थान के अब तक की विकास रिपोर्ट को साझा किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार एमबीए इन डिजिटल बिजनेस पाठ्यक्रम की शुरूआत की गई। 2015 में इलाहाबाद कैंपस के कुछ कमरों में इसकी शुरूआत की गई और आज लखनऊ के कैंपस में 800 छात्र पढ़ते हैं। यहां से पढ़े छात्रों को अच्छे पैकेज पर चयन हो रहा है। सत्र 2020-21 में छात्रों को अधिकतम 43 लाख रुपये सालाना का पैकेज ऑफर हुआ जो 2022 में बढ़कर डेढ़ करोड़ रुपये सालाना हो गया। प्रथम दीक्षांत समारोह में 2015-16, 16-17 और 17-18 बैच के छात्रों का दीक्षांत हुआ। पहले बैच का दीक्षांत समारोह किसी कारण वश नहीं हो पाया, जबकि बाकी दो बैच का दीक्षांत कोरोना के चलते स्थगित कर दिया गया था।