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Lucknow News: महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 47 लाख ठगने वाले तीन गिरफ्तार

Fri, 25 Jul 2025 02:16 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jul 2025 02:16 AM IST
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Three arrested for duping a woman of Rs 47 lakh through digital fraud
महिला को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने के आरोपी पुलिस के गिरफ्त में।
लखनऊ। फर्जी सीबीआई अफसर बनकर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 47 लाख हड़पने के तीन आरोपियों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव के मुताबिक 18 जुलाई को रीता भसीन ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया था।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि पड़ताल के दौरान सुल्तानपुर के बल्दिराय डेंगुर तिवारी निवासी अनुराग तिवारी, रायबरेली के जवाहर विहार कॉलोनी निवासी प्रखर प्रताप सिंह और अंबेडकरनगर आईटीआई कॉलोनी निवासी अनुपम सिंह को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने रीता को फोन कर कहा था कि उनके मोबाइल नंबर और आधार का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया गया है। इस मामले में उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी ईस्ट थाने में एफआईआर दर्ज है। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल कर जेल भेजने की धमकी दी थी। इसके बाद फर्जी अरेस्ट वारंट भेजकर रीता से 47 लाख रुपये हड़प लिए थे।
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पुलिस ने केस दर्ज कर सर्विलांस की मदद से पड़ताल की। इसके बाद जिन नंबरों से फोन आए थे, उनका ब्योरा निकाला। फोन नंबर के जरिये आरोपियों के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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थाने जैसा बना रखा थ सेटअप
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लोगों को झांसे में लेने के बाद वे वीडियो कॉल पर बात करते हैं। इसके लिए उन्होंने थाने जैसा सेटअप बनाया था। पुलिस की वर्दी भी सिलवाई थी। वीडियो कॉल पर वे वर्दी में ही बात करते थे। इससे लोगों को उनपर शक नहीं होता था। आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, 14 डेबिट कार्ड और सात चेकबुक बरामद किए गए हैं।
घर से बाहर भी नहीं निकलने देते थे

आरोपी लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने की बात कहते थे। इसके बाद रकम हड़पने तक लोगों को अपने सामने स्काइप या अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिखने पर मजबूर करते थे। झांसे में आकर लोग खुद को कमरे में बंद कर लेते थे। पीड़ितों को घर से बाहर नहीं जाने की धमकी देते थे। डर के मारे लोग किसी से अपनी बात नहीं कह पाते थे और ठगी के शिकार हो जाते थे।

पुलिस ने फ्रीज कराए 10.5 लाख रुपये

इंस्पेक्टर ने बताया कि छानबीन के दौरान साइबर ठगों के पांच खातों में जमा 10.5 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए। यह रकम महिला को वापस दिलाई जाएगी। आरोपियों ने फर्जी नाम-पते से खाते खुलवाए थे। गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने कुछ लोगों से किराये पर बैंक खाते लिए थे। इन लोगों के नाम भी केस में बढ़ाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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