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गमले में धान उगाने वाले उस पर एमएसपी चाहते हैं : मुख्यमंत्री योगी

Fri, 26 Feb 2021 12:16 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 26 Feb 2021 12:16 PM IST
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Those who grow paddy in pots want MSP on it: Chief Minister Yogi
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को विधान परिषद में किसानों के लिए किए गए कामों को गिनाते हुए कहा कि जितनी एमएसपी मोदी सरकार ने दी है, उतनी किसी ने नहीं दी। इस पर सपा के संजय लाठर धान की एमएसपी का मुद्दा उठाने लगे। तब मुख्यमंत्री ने कहा कि आप किसान नहीं पहलवान लगते हैं। आप अपने घर की खीझ यहां मत उतारिए। धान की एमएसपी को लेकर सपा के प्रदेश अध्यक्ष व सदस्य नरेश उत्तम तर्क देने लगे तो मुख्यमंत्री ने कहा कि आप कैसे किसान हो जिसे जानकारी ही नहीं। लगता है आप गमले में धान उगाते हैं और उस पर एमएसपी चाहते हैं।
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राज्यपाल के अभिभाषण पर परिषद में चर्चा के दौरान हो रही नोंक-झोंक के बीच एक सदस्य ने मुख्यमंत्री से सदन में मीठी भाषा बोलने का आग्रह किया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों को किस प्रकार की भाषा समझ में आती है मुझे पता है। मैं उसी हिसाब से डोज समय-समय पर देता रहता हूं। इस पर एक बार फिर सपा के उदयवीर खड़े हुए और मुख्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह कौन सी भाषा है ठीक कर दूंगा, डोज दे दूंगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आप सदन का शिष्टाचार सीखिए फिर बात कीजिए। आप किस भाषा को समझते हैं, मुझे पता है। जो जिस भाषा में समझेगा उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। अगर बोलते हैं तो सुनने की आदत भी डालिए। मुख्यमंत्री के भाषण के बीच सपा के एमएलसी बलवंत सिंह रामू वालिया ने कुछ बोलना चाहा तो मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास भी दो सरदार हैं।
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आकाशीय बिजली को बता देते थे बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिजली आती ही नहीं थी। बच्चे अपनी मां से पूछते थे कि बिजली क्या होती है तो मां बारिश के समय जो बिजली चमकती थी उसे बता देती थी। बच्चे सो जाते थे तब बिजली आती थी और उनके उठने से पहले चली जाती थी।
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...एक चीनी मिल का नाम बता दें तो मुख्यमंत्री का जयकारा लगाएंगे
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों में बेची गई चीनी मिलों का जिक्र कर रहे थे तभी सपा के सदस्य संजय लाठर खड़े हुए और बोले सपा के शासनकाल में कोई चीनी मिल नहीं बेची गई। अगर मुख्यमंत्री एक चीनी मिल का नाम बता दें तो मैं उनके नाम का जयकारा लगाऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पिछली सरकारों की बात कर रहा हूं।

हमारे आने से पहले एक भी जिले में नहीं थी मेट्रो
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह सत्ता में आए थे उस समय प्रदेश में एक भी मेट्रो नहीं थी। उनकी सरकार ने इसका विस्तार किया है। इस पर विपक्ष के कई सदस्य ठहाके लगाने लगे। एक सदस्य ने पूछा आखिर गोरखपुर में कब आएगी?

सेब की पैदावार यूपी में नहीं होती
मुख्यमंत्री धान की एमएसपी के बारे में बता रहे थे। तभी सपा सदस्य राजपाल कश्यप ने अपनी जेब से एक सेब निकाला और कहा यह अडानी ग्रुप बेच रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सदस्य को इतना भी नहीं पता कि यूपी में सेब की खेती नहीं होती?

आप हमारा इलाज करेंगे, जनता आपका कर देगी
मुख्यमंत्री के भाषण से पहले सपा के आनंद भदौरिया ने कहा कि सभापति महोदय आप विपक्ष को अपनी बात नहीं रखने दे रहे, इससे पीड़ा होती है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सारी पीड़ा का इलाज कर दूंगा। ऐसी दवा करूंगा की पीड़ा रहेगी ही नहीं। मुख्यमंत्री का भाषण खत्म हुआ तो भदौरिया फिर खड़े हुए और मुख्यमंत्री की ओर इशारा करके कहने लगे कि आप मेरा इलाज कराने की बात कर रहे हैं, 2022 में जनता आपका इलाज कर देगी।

आकर्षक नीतियों से प्रदेश में निवेश करना आसान : योगी

ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बेरी ओ फैरेल एओ ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की आकर्षक नीतियों से प्रदेश में निवेश करना बेहद आसान हुआ है। वर्ष 2018 में यूपी इन्वेस्टर्स समिट में 4 लाख 68 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हर मंडल में विश्वविद्यालय और प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया के संस्थान इस क्षेत्र में निवेश कर सकते हैं।

उच्चायुक्त बेरी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के निवेशक यूपी में सड़क और इन्फ्रास्ट्रक्चर, जल संसाधन तथा कौशल विकास सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया राज्य सरकार के सहयोग से निवेश की संभावनाएं तलाशेगा। उन्होंने उम्मीद की कि सरल निवेश नीतियों व अच्छे वातावरण से उनके देश के निवेशकों को यहां निवेश करने में सहूलियत होगी। वर्तमान में भारत व आस्ट्रेलिया वाराणसी में गंगा के किनारे विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा समेत कई क्षेत्रों निवेश की अच्छी संभावनाएं
आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने मुख्य सचिव आरके तिवारी से भी मुलाकात की। मुख्य सचिव ने उन्हें बताया कि ईज ऑफ  डुईंग बिजनेस में प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। पूरे देश में यूपी दूसरे स्थान पर है। यहां खाद्य प्रसंस्करण, परिवहन, कृषि, शोध, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, सहकारिता, लॉजिस्ट्क्सि एवं वेयर हाउसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, भूमि, बिजली, पानी और मानव संसाधन भी उपलब्ध हैं।
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