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यह यूपी है भैया...
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 09 Sep 2013 10:43 AM IST
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इन दिनों भाजपा व कांग्रेस दोनों के लोग काफी खुश हैं।
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जब भी कहीं मिलते हैं, इनके मुंह से बरबस निकल पड़ता है- मजा आ गया गुरु।
कम से कम अपने यूपी की नाक तो बच गई।
यह भी साफ हो गया कि देश भर को सियासत सिखाने वाले यूपी वालों को गुजरात क्या सियासत सिखाएगा।
दरअसल, वजह है अमित शाह और मधुसूदन मिस्त्री की गाड़ी का डिरेल होना। शाह और मोदी ने जब यूपी में महीने में 15 से 20 दिन रहने और गांव-गांव दौरा करने की घोषणा की थी तो भाजपा व कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के माथे पर यह सोच-सोचकर पसीना आने लगा था कि ये दोनों हम यूपी वालों की चैन छीनकर मानेंगे।
गरमी में कहां-कहां चक्कर काटेंगे। रात में मच्छरों से बदन नुचवाएंगे। पता नहीं, वजह स्वास्थ्य की समस्या है या दूसरे स्थानों पर व्यस्तता अथवा यूपी के भैया लोगों की तरफ से शाह और मिस्त्री को दिखाई गई तस्वीर।
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शाह यूपी में 20 दिन टिकने के अपने एजेंडे पर अमल नहीं कर पा रहे तो मिस्त्री की गाड़ी भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही। अब भाजपाई व कांग्रेसी दोनों खुश हैं।
उन्हें लगता है कि जिस तरह उन्होंने यूपी का चित्रण किया, उससे इन दोनों के पसीने छूट गए। सितंबर शुरू हो चुका है। अक्टूबर में मौसम उतना गरम नहीं रहेगा। चुनावी हवा भी शुरू हो जाएगी।
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तब कहां गांव प्रवास और कहां लोगों से पंचायत। जहां भी दोनों पार्टी के लोग मिल जाते हैं, मिस्त्री व शाह पर चर्चा होती है। तपाक से इनके मुंह से निकल पड़ता है, यह यूपी का पानी है, जिसे हजम करना सिर्फ हम यूपी वालों के ही बूते का है।