फैसले के बाद सदभाव बनाने के लिए संघ व सरकार ने ऐसे किया काम, बड़बोले नेताओं को भी संभाला
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राम जन्मभूमि विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के सबसे बड़े फैसले के बाद प्रदेश में शांति और सद्भाव बनाए रखने की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सरकार की योजना कारगर रही। फैसले से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के बाद खुशी और उमंग से लबरेज सरकार के मंत्री, विधायक, संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने संयम बनाए रखा। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने भी न्याय के सम्मान की मिसाल पेश करते हुए सद्भाव बनाए रखने में पूरा सहयोग किया।
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद होने वाले हंगामे, तनाव और उत्पात को लेकर संघ के शीर्ष नेताओं से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक चिंतित थे। सरकार और संघ ने संवेदनशील घड़ी को संयम और सद्भाव से गुजारने की रणनीति बनाई।
मुख्यमंत्री योगी ने सरकार के स्तर पर प्रदेश के एक-एक जिले में शांति एवं सद्भाव के लिए पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बल तैनात किए। वहीं, अयोध्या सहित प्रदेश के संवेदनशील जिलों में काबिल अफसर तैनात करने के लिए खुद भी अलसुबह से लेकर देर रात तक नजर बनाए रखी।
होसबोले ने संभाली कमान, संघ के कार्यकर्ताओं को किया नियंत्रित
आरएसएस के राष्ट्रीय सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने राजधानी लखनऊ में रहकर संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कमान संभाली।
उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में संघ और अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को संगठन की नीति के तहत ही बयानबाजी या कार्यक्रम करने की हिदायत दी। संघ ने मुस्लिम मंच को सक्रिय कर दूसरे पक्ष के लोगों से संपर्क कर शांति और सद्भाव बनाने का एजेंडा आगे बढ़ाया।
वहीं, अपने प्रमुख स्वयंसेवकों की छोटी-छोटी टुकड़ियां बनाकर जगह-जगह भेजा गया। खासतौर पर हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को संयमित व्यवहार करने की हिदायत दी गई।
5 से 20 नवंबर तक के सभी कार्यक्रम निरस्त किए
संघ और भाजपा ने प्रदेश में 5 से 20 नवंबर तक के सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए। 17-18 नवंबर को लखनऊ में प्रस्तावित वनवासी कल्याण आश्रम का बड़ा कार्यक्रम निरस्त किया गया। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल को 5 से 15 नवंबर तक राजधानी में ही रहने के निर्देश दिए।
स्वतंत्र देव ने अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज, काशी, गोरखपुर और पश्चिम क्षेत्र में प्रभारी महामंत्रियों को दौरा करने भेजा। महामंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्र में पहुंचकर कार्यकर्ताओं से राम जन्मभूमि मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने पर शांति और सद्भाव बनाने, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की विवादित या उत्तेजक टिप्पणी नहीं करने, जुलूस, रैली नहीं निकालने और नारेबाजी नहीं करने के लिए पाबंद किया।
महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने शुक्रवार सुबह से शनिवार शाम तक कार्यालय में बैठकर प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं की गतिविधियों, टीवी चैनलों पर पार्टी की ओर से दिए जा रहे बयानों पर नजर रखी।
बड़बोले नेता भी संयम में रहे
भाजपा शीर्ष नेतृत्व के फरमान के बाद विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार, सरकार के कुछ मंत्री और संगठन के पदाधिकारियों ने भी चुप्पी साधे रखी।
राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, गौरव भाटिया ने भी बीते दिनों प्रवक्ताओं व पदाधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें पार्टी के अधिकृत बयान से पहले मौन धारण करने के लिए पाबंद किया था।