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Lucknow News: किराए की कोख के लिए लखनऊ में तीसरा आवेदन

Sat, 05 Jul 2025 01:55 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jul 2025 01:55 AM IST
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Third application for surrogate mother in Lucknow
लखनऊ। कानपुर रोड के रहने वाले दंपती ने किराये की कोख (सरोगेसी) के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ऑफिस में आवेदन किया है। सरोगेसी के लिए यह जिले का तीसरा आवेदन है। इससे पहले एक डॉक्टर और जानकीपुरम के दंपती ने आवेदन किया था। डॉक्टर के मामले में खामी होने की वजह से आवेदन निरस्त कर दिया गया था।
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कानपुर रोड निवासी दंपती ने सीएमओ ऑफिस को पत्र भेजकर किराये की कोख लेने का फैसला लिया है। पति ने अपने पत्र में हवाला दिया है कि उनकी पत्नी गर्भधारण नहीं कर सकती है। लिहाजा सरोगेसी के लिए इजाजत दी जाए। दंपती ने सरोगेट मां की भी तलाश पूरी कर ली है। नए नियम के तहत डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी की अनुमति के बाद ही प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। जांच में पत्नी के गर्भधारण के लिए अनफिट पाए जाने पर ही दंपती को किराये की कोख की इजाजत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि कई चरणों की जांच के बाद कमेटी अनुमति देगी।
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इन नियमों का करना होगा पालन
किराये की कोख के लिए रजामंदी देने वाली महिला का आवेदक का रिश्तेदार होना जरूरी है।
रिश्तेदार महिला विवाहित होनी चाहिए।
सरोगेट मां की उम्र कम से कम 25 साल व उसका एक बच्चा भी होना चाहिए।

डीएम के नेतृत्व में गठित है कमेटी
सरोगेसी अधिनियम सख्ती से लागू करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित है। इसमें सीएमओ सचिव, केजीएमयू के गाइनकोलॉजी की विभागाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी, संयुक्त निदेशक अभियोजन भी शामिल होते हैं। ये कमेटी आवेदक का दस्तावेज चेक करती है। इसकी वीडियोग्राफी भी होती है।
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जानकीपुरम की दंपती ने पूरी कराई प्रक्रिया
जानकीपुरम के दंपती ने डीएम के यहां से अनुमति मिलने के बाद आईवीएफ सेंटर से किराये की कोख की प्रक्रिया पूरी कराई है। इसके लिए करीब दो साल का समय दंपती को दिया गया है। पहला प्रोसीजर फेल होने पर वह दोबारा भी प्रोसीजर करा सकते हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि अनुमति देने बाद विभाग से उनका कोई संबंध नहीं रहता है। पूरी प्रक्रिया आईवीएफ सेंटर के अधीन होती है।
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