ऐसे समझ सकते हैं कहीं आपको कैंसर तो नहीं
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अलग-अलग तरह के कैंसर के लक्षण भी अलग होते हैं। इन दिनों मूत्राशय और गुर्दे के कैंसर के लक्षणों के बारे में बता रहे हैं। पेशाब के साथ खून आना गुर्दे या मूत्राशय में कैंसर का लक्षण है।
यदि किसी भी पुरुष या महिला को कभी पेशाब में खून आया हो तो इसे गंभीरता से लेते हुए यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती दौर में ही कैंसर का पता चल जाए तो मरीज को इलाज किया जा सकता है।
इसमें सर्जरी, रेडियोथेरेपी या फिर कीमोथेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रो. एसएन शंखवार ने न्यू टीचिंग ब्लॉक में बृहस्पतिवार को आयोजित कंट्रोवर्सीस इन यूरोआंकोलॉजी सिम्पोजियम में यह जानकारी दी।
ऐसे हो सकता है गुर्दे के कैंसर का इलाज
संजय गांधी पीजीआई के यूरोलॉजिस्ट प्रो. अनिल मंधानी ने बताया कि गुर्दे में यदि चार सेंटीमीटर तक का ट्यूमर है तो सर्जरी कर उसे निकाला जा सकता है। इसमें आधी किडनी को बचाया जा सकता है। ये सर्जरी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से संभव है। इससे अधिकतम तीन दिन में मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है।
इस सिम्पोजियम में डॉ. राहुल जनक सिन्हा ने बताया कि गुर्दे के कैंसर में सर्जरी ही सही इलाज है। इसलिए गुर्दे के कैंसर का जितनी जल्दी पता चल जाए और फिर उसकी सर्जरी कर दी जाए तो मरीज को उतना ही ज्यादा फायदा मिलता है।
समय पर सर्जरी न होने पर कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैल जाता है। यूरीनरी ब्लैडर (पेशाब की थैली) का कैंसर होने पर कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी फायदेमंद है। लेकिन गुर्दे में कैंसर होने पर उसे सर्जरी से निकालना ही सही इलाज है।