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Lucknow News: निजी पैथोलॉजी में पांच हजार की जांच, जिला अस्पताल में होगी मुफ्त
Fri, 23 Aug 2024 04:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 23 Aug 2024 04:31 AM IST
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रायबरेली। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीजों को जांच संबंधी बड़ी सुविधा मिल गई है। हेपेटाइटिस बी और सी से संक्रमित मरीज के वायरल लोड की जांच के लिए निजी पैथोलॉजी में तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं। यह जांच जिला अस्पताल में मुफ्त शुरू कराई गई है। बृहस्पतिवार को एक मरीज की जांच ट्रू-नॉट मशीन से की गई है। जांच के बाद मरीजों को दवा भी मुफ्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
जिला अस्पताल में अन्य जांचों के साथ ही हेपेटाइटिस बी और सी की भी जांच होती है लेकिन संक्रमित मरीजों में वायरल लोड की जांच की सुविधा अब तक यहां नहीं थी। संक्रमित मरीज को यह जांच करवाने के लिए निजी पैथोलॉजी के चक्कर लगाने पड़ते थे।
वायरल लोड की जांच कराने में मरीजों को तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते थे लेकिन यह सुविधा अब जिला अस्पताल में उपलब्ध होने के बाद मरीजों को बड़ी राहत मिली है। बृहस्पतिवार को हेपेटाइटिस संक्रमित मरीज उमाकांत की वायरल लोड की जांच की गई है।
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ये लक्षण हों तो हेपेटाइटिस बी या सी की जांच कराएं
हेपेटाइटिस-बी के लक्षणों को समझना आसान नहीं है। इस बीमारी के शुरुआती दौर में थकान, खुलकर भूख न लगना, उल्टी आना, पेट दर्द, सिर दर्द, आंखों में पीलापन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस बीमारी से लिवर संक्रमित हो जाता है, उसमें सूजन की समस्या हो जाती है। कुछ लोगों का लिवर एकदम से काम करना बंद कर देता है। हेपेटाइटिस-सी से सिरोसिस व लिवर कैंसर जैसी घातक बीमारियां भी हो सकती हैं। यह वायरस संक्रमित खून से फैलता है। इसके लक्षण दिखाई देने में काफी समय लग जाते हैं, तब तक लिवर को काफी नुकसान हो चुका होता है।
बेहतर की जा रही हैं स्वास्थ्य सेवाएं
मरीजों की सुविधा के लिए हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित मरीजों के वारयल लोड की जांच भी शुरू करा दी गई है। एक मरीज की सफल जांच की गई है। मरीज को विभाग के दवा गोदाम से दवा दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का काम किया जा रहा है।
-डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में अन्य जांचों के साथ ही हेपेटाइटिस बी और सी की भी जांच होती है लेकिन संक्रमित मरीजों में वायरल लोड की जांच की सुविधा अब तक यहां नहीं थी। संक्रमित मरीज को यह जांच करवाने के लिए निजी पैथोलॉजी के चक्कर लगाने पड़ते थे।
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वायरल लोड की जांच कराने में मरीजों को तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते थे लेकिन यह सुविधा अब जिला अस्पताल में उपलब्ध होने के बाद मरीजों को बड़ी राहत मिली है। बृहस्पतिवार को हेपेटाइटिस संक्रमित मरीज उमाकांत की वायरल लोड की जांच की गई है।
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ये लक्षण हों तो हेपेटाइटिस बी या सी की जांच कराएं
हेपेटाइटिस-बी के लक्षणों को समझना आसान नहीं है। इस बीमारी के शुरुआती दौर में थकान, खुलकर भूख न लगना, उल्टी आना, पेट दर्द, सिर दर्द, आंखों में पीलापन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस बीमारी से लिवर संक्रमित हो जाता है, उसमें सूजन की समस्या हो जाती है। कुछ लोगों का लिवर एकदम से काम करना बंद कर देता है। हेपेटाइटिस-सी से सिरोसिस व लिवर कैंसर जैसी घातक बीमारियां भी हो सकती हैं। यह वायरस संक्रमित खून से फैलता है। इसके लक्षण दिखाई देने में काफी समय लग जाते हैं, तब तक लिवर को काफी नुकसान हो चुका होता है।
बेहतर की जा रही हैं स्वास्थ्य सेवाएं
मरीजों की सुविधा के लिए हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित मरीजों के वारयल लोड की जांच भी शुरू करा दी गई है। एक मरीज की सफल जांच की गई है। मरीज को विभाग के दवा गोदाम से दवा दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का काम किया जा रहा है।
-डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल