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UP: बिजली चोरों पर नहीं कोई जोर... अब ईमानदार उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाकर होगी 186 करोड़ से ज्यादा की भरपाई

Mon, 21 Jul 2025 04:17 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 21 Jul 2025 04:17 PM IST
सार

बिजली निगम बिजली चोरों से 186.93 करोड़ रुपये की वसूली करने में नाकाम रहा है। अब बिजली की दरें बढ़ाकर ईमानदार उपभोक्ताओं से चोरी की भरपाई की जाएगी। 

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There is no pressure on electricity thieves... Now more than 186 crores will be compensated by increasing rate
अलीगंज सेक्टर ई चौराहे के पास बसी झुग्गी-झोपड़ियों में कटिया के जरिये होती बिजली चोरी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बिजली निगम ने विद्युत नियामक आयोग को बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सौंपा है। इस पर सोमवार को जनसुनवाई हुई। प्रस्ताव में घाटे का हवाला देते हुए दरें बढ़ाने की मांग की गई है। खास ये है कि राजधानी में एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच 191.75 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी गई। इसमें से मात्र 5.82 करोड़ रुपये ही वसूले गए हैं। बिजली चोरों से 186.93 करोड़ वसूलने में नाकाम बिजली निगम अब ईमानदार उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का बोझ बढ़ाकर भरपाई करना चाहता है।

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आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन में बिजली निगम की टीमों ने 8,992 बिजली चोरी के मामलों का भंडाफोड़ किया। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई और कुल चोरी की गई बिजली के एवज में 191.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। 
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बिजली चोरों से वसूली के लिए जिम्मेदार जेई, एसडीओ, एक्सईएन कितने संजीदा थे, इसका अंदाज वसूली की रकम से लगाया जा सकता है। अब तक अफसर मात्र 5.82 करोड़ रुपये ही वसूल सके हैं, जो कुल रकम को मात्र तीन प्रतिशत है।

वसूली में असफलता के लिए सीधे तौर पर स्थानीय जेई, एसडीओ और एक्सईएन जिम्मेदार हैं। इस मामले में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे कहते हैं कि जब घाटा बिजली चोरी और कर्मचारियों की लापरवाही से हो रहा है, तो उसकी भरपाई हर महीने बिल चुकाने वाले ईमानदार उपभोक्ताओं से क्यों की जा रही है? उपभोक्ता पहले से ही बिजली की महंगी कीमत चुका रहे हैं। बिजली दरों में बढ़ोतरी कहीं से तर्कसंगत नहीं। सच ये है कि निगम निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही बिजली दरों को बढ़ाने पर आमादा है।

बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोधी और उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रबंधन बिजली चोरों को उनके जुर्माना पर 65% की छूट देकर खुद बिजली चोरी को बढ़ावा दे चुका, जिससे घाटा हो रहा है। इस घाटे की भरपाई के लिए आम उपभोक्ता की बिजली किसी भी हालत में महंगी नहीं होने देंगे।

यूं समझे घाटे का कौन जिम्मेदार

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार राजधानी में एक साल में 191.75 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी गई। प्रदेश में 75 जिले हैं, यदि लखनऊ में इतनी चोरी है तो पूरे प्रदेश का आंकड़ा हजारों करोड़ तक हो सकता है। बिजली निगम अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि कितनी वसूली हुई है और वसूली में फेल साबित हुए अफसरों व इंजीनियरों कह क्या जवाबदेही तय की गई।

एक लाख से अधिक जगहों पर चोरी
लखनऊ की 50 लाख आबादी में 14.5 लाख कनेक्शनधारक हैं, जिनमें से करीब 20% उपभोक्ता मीटर में गड़बड़ी कर बिजली चोरी कर रहे हैं। अनुमान है कि शहर में एक लाख से अधिक जगहों पर बिजली चोरी हो रही है। यह चोरी नियोजित तरीके से झुग्गी-झोपड़ी व खाली प्लॉटों में की जा रही है। कई जगहों पर तो स्थानीय प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है। चौक, हुसैनाबाद, ठाकुरगंज, सहादतगंज और ऐशबाग जैसे क्षेत्रों में कुछ हद तक नियंत्रण पाया गया है, मगर बाकी इलाकों में अफसरों की रुचि न होने से हालात जस के तस हैं।

आंकड़ों में बिजली का उपभोग
14.50 लाख राजधानी में कुल उपभोक्ता
80-85 फीसदी शहरी प्रतिमाह भरते हैं बिल
55-60 फीसदी ग्रामीण प्रतिमाह भरते बिल

यहां इतनी बिजली चोरी व अनियमितता पकड़ी गई

जोन चोरी के मामले जुर्माना वसूली
अमौसी 6096 142.13 करोड़ 1.66 करोड़
लखनऊ मध्य 804 30.89 करोड़ 2.18 करोड़
जानकीपुरम 1502 13.26 करोड़ 93.57 लाख
गोमतीनगर 590     5.47 करोड़ 35.26 लाख

(नोट : आंकड़े 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक की अवधि के... स्रोत : लेसा)

बिजली की प्रस्तावित नई दरें: घरेलू कनेक्शन
- 100 यूनिट बीपीएल के लिए तीन की जगह चार रुपये
- 100 यूनिट तक के लिए 5.50 की जगह 6.50 रुपये
- 101 से 150 यूनिट तक 5.50 के बजाय आठ रुपये
- 151-300 यूनिट तक छह की जगह आठ रुपये
- 300 यूनिट से ज्यादा के लिए 6.50 के बजाय नौ रुपये

वाणिज्यिक कनेक्शन: एक से चार किलोवाट के उपभोक्ता को 7.50 व 8.40 रुपये प्रति यूनिट की जगह सीधे 9.50 रुपये

(नोट : कॉरपोरेशन का फिक्स चार्ज को बढ़ाने का प्रस्ताव भी है।)

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, लखनऊ के निदेशक वाणिज्य योगेश कुमार का कहना है कि बिजली चोरी के जुर्माने की रकम न वसूलना गंभीर लापरवाही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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