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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   There is no power connection in 21744 basic schools in Uttar Pradesh.

Operation Kayakalp: बेसिक के 21,744 स्कूलों में बिजली ही नहीं, ऑपरेशन कायाकल्प के लिए चल रहे अभियान में खुलासा

Sun, 03 Jul 2022 11:43 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 03 Jul 2022 11:43 AM IST
सार

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कायाकल्प के तहत चल रहे अभियान में बेसिक स्कूलों की स्थिति सामने आई है। इन स्कूलों में तीन महीने में विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

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There is no power connection in 21744 basic schools in Uttar Pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

भविष्य में स्मार्ट क्लास जैसी विभिन्न आधुनिक तकनीकियों से लैस करने के लिए तैयार किए जा रहे प्रदेश के कुल 1,32,985 परिषदीय विद्यालयों में से 21,744 में बिजली ही नहीं है। इसका खुलासा ऑपरेशन कायाकल्प के लिए चल रहे अभियान के तहत खुद बेसिक शिक्षा विभाग की जांच में हुआ है।

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इस खुलासे के बाद अब इन विद्यालयों में मिशन मोड के तहत तीन माह में बिजली आपूर्ति पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से वार्ता की है। इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
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कहा गया है कि विद्यालयों में विभिन्न बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने के क्रम में विद्युतीकरण भी जरूरी है। इससे ड्रॉपआउट दर कम होगी। विद्यालयों में सब-मर्सिबल पंप, आरओ वॉटर संयत्र, इंसीनरेटर आदि की सुविधा भी संभव हो सकेगी। शिक्षण कार्य में आधुनिक तकनीकी गतिविधियों जैसे- कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं आदि का प्रयोग हो सकेगा।
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ये निर्देश भी
- जिले के सभी बिजलीविहीन विद्यालयों में से विद्युत पोल से 40 मीटर से कम दूरी वाले और पोल से 40 मीटर से अधिक दूरी वाले विद्यालयों की अलग-अलग सूची तैयार कर ली जाए।
- ऐसे सभी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन कराया जाए।
- 40 मीटर से अधिक दूरी वाले विद्यालयों का आवेदन कराकर एस्टीमेट बनवा लिए जाएं। ऐसे विद्यालयों को विद्युत विभाग की योजनाओं से वित्तपोषित करते हुए विद्युतीकरण पर विचार होगा।

विद्यालय के नाम होगा कनेक्शन

विद्युत विभाग से हुई वार्ता में तय हुआ है कि कनेक्शन के लिए आवेदन प्रधानाध्यापक करेंगे। हालांकि उनकी बिल भुगतान की जिम्मेदारी नहीं होगी। कनेक्शन विद्यालय के नाम से दिया जाएगा व बिल भुगतान की जिम्मेदारी भी विद्यालय स्तर पर होगी। इसके साथ ही पोर्टल पर आवेदन में विद्यालय स्थल के वैध उपयोग के प्रमाण पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज भी लगते हैं।

इसके लिए तय हुआ है कि कनेक्शन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने स्तर से सभी बिना बिजली कनेक्शन वाले विद्यालयों के नाम, यू-डायस, ब्लॉक की सूची प्रमाणित करके अधिशासी अभियंता को भेजेंगे। इसके आधार पर कनेक्शन देने की कार्यवाही होगी।

कहीं उपकरण तो, कहीं कनेक्शन नहीं
सर्वे में विद्यालयों में बिजली न होने के अलग-अलग कारण सामने आए हैं। कई विद्यालय ऐसे मिले जहां उपकरण तो थे, पर कनेक्शन नहीं था। कुछ जगह तार चोरी होने व लंबे समय से बिजली न होने की बात सामने आई। कई विद्यालय ऐसे हैं जो खंभे से दूर हैं और वहां तक कनेक्शन के लिए अपेक्षित बजट विभाग या ग्राम पंचायत के पास नहीं है। तो कई ऐसे हैं, जहां न उपकरण हैं और न कनेक्शन।

ऐसा क्यों हुआ? यह ज्यादा स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि 2018 से पूर्व तक का बिजली बकाया बेसिक शिक्षा विभाग ने चुका दिया है। उसके बाद से ग्राम पंचायतों को बिल भरने की जिम्मेदारी दी गई है।

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