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पर्चा लीक मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने से कतरा रहा केजीएमयू प्रशासन
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लखनऊ। केजीएमयू दंत संकाय में सीनियर रेजीडेंट की परीक्षा से संबंधित पेपर आउट होने के मामले में केजीएमयू प्रशासन ने अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। जबकि पर्चा आउट होने की बात उजागर हो चुकी है। दूसरी तरफ दंत संकाय के अन्य विभागों के रेजीडेंट का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। ऐसे में विवाद के बाद परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने पर सवाल उठ रहा है।
केजीएमयू में दंत संकय केरेजीडेंटों की परीक्षा हुई थी। ओरल पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष के खिलाफ एक सीनियर रेजीडेंट ने चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है और केजीएमयू प्रशासन से भी शिकायत की है। महिला रेजीडेंट की शिकायत पर केजीएमयू प्रशासन एक कमेटी बनाकर जांच करा रहा है। इस बीच विभागाध्यक्ष ने पूरे मामले से केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट को अवगत कराया। उन्होंने राज्यपाल को भी एक पत्र भेजा। इस पत्र के जरिए पेपर आउट होने की कहानी उजागर हुई। केजीएमयू प्रशासन ने ओरल पैथोलॉजी विभाग के रेजीडेंटों की परीक्षा निरस्त कर दी है, जबकि अन्य विभागों का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। केजीएमयू सूत्रों का कहना है कि परीक्षा में 50 फीसदी सवाल कॉमन थे। बाकी विभाग से संबंधित थे। पेपर आउट होने की जानकारी के बाद भी अन्य विभागों की पड़ताल नहीं कराई गई।
जिम्मेदारों पर रिपोर्ट नहीं
ओरल पैथोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के बयान और विभागाध्यक्ष के लिखित शिकायत से साबित हो गया है कि पेपर आउट हुआ। इसी आधार पर यह परीक्षा निरस्त भी की गई है। इसकेबाद भी पेपर आउट में शामिल किसी भी डाक्टर के खिलाफ अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। मालूम हो कि यह परीक्षा 21 जुलाी को हुई थी।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई
ओरल पैथोलॉजी की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। मामले की जांच भी चल रही है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जहां तक दूसरे विभागों के परीक्षा परिणाम का सवाल है तो उन विभागों के पेपर पर कोई शिकायत नहीं आई है।
- प्रो. एके सिंह, परीक्षा नियंत्रक
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केजीएमयू में दंत संकय केरेजीडेंटों की परीक्षा हुई थी। ओरल पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष के खिलाफ एक सीनियर रेजीडेंट ने चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है और केजीएमयू प्रशासन से भी शिकायत की है। महिला रेजीडेंट की शिकायत पर केजीएमयू प्रशासन एक कमेटी बनाकर जांच करा रहा है। इस बीच विभागाध्यक्ष ने पूरे मामले से केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट को अवगत कराया। उन्होंने राज्यपाल को भी एक पत्र भेजा। इस पत्र के जरिए पेपर आउट होने की कहानी उजागर हुई। केजीएमयू प्रशासन ने ओरल पैथोलॉजी विभाग के रेजीडेंटों की परीक्षा निरस्त कर दी है, जबकि अन्य विभागों का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। केजीएमयू सूत्रों का कहना है कि परीक्षा में 50 फीसदी सवाल कॉमन थे। बाकी विभाग से संबंधित थे। पेपर आउट होने की जानकारी के बाद भी अन्य विभागों की पड़ताल नहीं कराई गई।
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जिम्मेदारों पर रिपोर्ट नहीं
ओरल पैथोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के बयान और विभागाध्यक्ष के लिखित शिकायत से साबित हो गया है कि पेपर आउट हुआ। इसी आधार पर यह परीक्षा निरस्त भी की गई है। इसकेबाद भी पेपर आउट में शामिल किसी भी डाक्टर के खिलाफ अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। मालूम हो कि यह परीक्षा 21 जुलाी को हुई थी।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई
ओरल पैथोलॉजी की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। मामले की जांच भी चल रही है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जहां तक दूसरे विभागों के परीक्षा परिणाम का सवाल है तो उन विभागों के पेपर पर कोई शिकायत नहीं आई है।
- प्रो. एके सिंह, परीक्षा नियंत्रक