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Lucknow News: उस्ताद के सरोद से निकली भारतीयता की धुन
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संगीत नाटक अकादमी में प्रस्तुति देते उस्ताद अमजद अली खान।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के 62वें स्थापना दिवस पर बुधवार शाम अकादमी की ओर से संत गाडगे प्रेक्षागृह में धरोहर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पद्मविभूषण उस्ताद अमजद अली खान ने जब सरोद के तारों पर अपनी अंगुलियां फिराईं तो उनमें से भारतीयता से सजे सुरों ने सभी का मन मोह लिया। राग खमाज, राग तिलंग के अलावा हिमांचल, बंगाल समेत अन्य प्रदेशों की लोकधुनों पर श्रोता झूम उठे।
मंच पर आते ही उन्होंने महात्मा गांधी को याद किया। उन्होंने वैष्णव जन तो तेने कहिए... को सरोद पर मिठास के साथ उतारा। राग मिश्र खमाज में निबद्ध इस भजन की मूल रचना को बजाते वक्त वे खो से गए। इस दौरान सभागार में लगातार तालियां बजती रहीं। इसके बाद उन्होंने रवींद्र नाथ टैगोर की रचना एकला चलो रे... बजाया। कार्यक्रम में उस्ताद अमजद अली खान की पत्नी शुभुलक्ष्मी खान भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का समापन उन्होंने रघुपति राघव राजाराम... की धुन से किया। उनके साथ मिथलेश कुमार झा और शारिक मुस्तफा ने तबले पर संगत की।
कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिह, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, अकादमी अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर, भातखंडे संस्कृति विवि की कुलपति मांडवी सिंह आदि मौजूद रहे।
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उस्ताद ने मुख्यमंत्री व अफसरों से किया आग्रह
कार्यक्रम के दौरान उस्ताद अमजद अली खान ने बताया कि वे जब बुधवार को सुबह पुराने लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित बेगम अख्तर की मजार पर गए तो मजार और आसपास के रास्तों की हालत देख वे विचलित हो गए। एसएनए में सरोद वादन की प्रस्तुति देने के ठीक पहले उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व संबंधित अधिकारियों से पुराने लखनऊ के ठाकुरगंज की खस्ता हालत को सुधारने का आग्रह किया।
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मंच पर आते ही उन्होंने महात्मा गांधी को याद किया। उन्होंने वैष्णव जन तो तेने कहिए... को सरोद पर मिठास के साथ उतारा। राग मिश्र खमाज में निबद्ध इस भजन की मूल रचना को बजाते वक्त वे खो से गए। इस दौरान सभागार में लगातार तालियां बजती रहीं। इसके बाद उन्होंने रवींद्र नाथ टैगोर की रचना एकला चलो रे... बजाया। कार्यक्रम में उस्ताद अमजद अली खान की पत्नी शुभुलक्ष्मी खान भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का समापन उन्होंने रघुपति राघव राजाराम... की धुन से किया। उनके साथ मिथलेश कुमार झा और शारिक मुस्तफा ने तबले पर संगत की।
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कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिह, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, अकादमी अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर, भातखंडे संस्कृति विवि की कुलपति मांडवी सिंह आदि मौजूद रहे।
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उस्ताद ने मुख्यमंत्री व अफसरों से किया आग्रह
कार्यक्रम के दौरान उस्ताद अमजद अली खान ने बताया कि वे जब बुधवार को सुबह पुराने लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित बेगम अख्तर की मजार पर गए तो मजार और आसपास के रास्तों की हालत देख वे विचलित हो गए। एसएनए में सरोद वादन की प्रस्तुति देने के ठीक पहले उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व संबंधित अधिकारियों से पुराने लखनऊ के ठाकुरगंज की खस्ता हालत को सुधारने का आग्रह किया।