बाराबंकी की एसआईटी ने तीन घंटे तक बांदा जेल में मुख्तार अंसारी से की पूछताछ, पुलिस को करनी पड़ी...
मुख्तार अंसारी ने बताया कि वह एंबुलेंस 2013 से इस्तेमाल कर रहा था। इसके साथ ही बताया कि एंबुलेंस पुलिस लेकर आती थी ऐसे में उसका रजिस्ट्रेशन कहां और कैसे हुआ है यह बात पुलिस ही बता सकती है।
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बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी से बाराबंकी की एसआईटी टीम ने दो दिन में तीन घंटे तक पूछताछ की है। मुख्तार ने पुलिस को कोई अहम जानकारी तो नहीं दी लेकिन उसने बताया कि वह एंबुलेंस वर्ष 2013 से इस्तेमाल कर रहा था। इसके साथ ही बताया कि एंबुलेंस पुलिस लेकर आती थी ऐसे में उसका रजिस्ट्रेशन कहां और कैसे हुआ है यह बात पुलिस ही बता सकती है। मुख्तार से पूछताछ करने के लिए बांदा गई पुलिस टीम को उस तक पहुंचने में काफी कसरत करनी पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होने के चलते पुलिस टीम को कई जगह चेकिंग का भी सामना करना पड़ा।
बता दें कि वर्ष 2013 में बाराबंकी जिले में पंजीकृत कराई गई एंबुलेंस (यूपी 41 एटी 7171) को मुख्तार अंसारी जेल से कोर्ट में पेशी पर आने-जाने के लिए प्रयोग करता था। यह मामला जब पंजाब की रोपड़ जेल से मुख्तार के पेशी पर एंबुलेंस से जाने के बाद सुर्खियों में आया तो बीती एक अप्रैल को जिले की पुलिस ने शहर कोतवाली में मऊ जिले की संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डॉ. अलका राय पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की जांच में मुख्तार अंसारी को साजिश का आरोपी बनाते हुए डॉ. अलका के सहयोगी डॉ. शेषनाथ राय, विधायक प्रतिनिधि मुजाहिद, शाहिद, आनंद यादव, राजनाथ यादव को भी मुकदमे में शामिल किया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्तार के गुर्गे राजनाथ यादव के बाद डॉ. अलका और शेषनाथ राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
पुलिस की जांच में यह बात भी उजागर हो चुकी है कि मुख्तार अंसारी वर्ष 2013 से ही एंबुलेंस को प्रयोग कर रहा है। जबकि इस मामले में एंबुलेंस को फाइनेंस कराने में अहम भूमिका निभाने वाला शाहिद अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इस मामले में 120 बी के आरोपी मुख्तार अंसारी के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस कोर्ट के आदेश पर बुधवार को बांदा जिला कारागार गई थी। जहां मामले के विवेचक इंस्पेक्टर महेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुख्तार अंसारी का बयान दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो बुधवार को एक घंटे मुख्तार से पूछताछ की गई इसके बाद बृहस्पतिवार के पुलिस टीम ने दो घंटे तक पूछताछ की है। इसमें अभी तक इस मामले में जो आरोपी बने है उनको मुख्तार ने जान पहचान वाला बताया है जबकि एंबुलेंस कैसे आई और इसका रजिस्ट्रेशन किस तरह हुआ इस सब बारे में उसने पुलिस पर ठीकरा फोड़ते हुए इसके बारे में पुलिस को ही जानकारी होने की बात कही है। हालांकि अभी तक पूरी जानकारी अधिकारियों द्वारा नहीं दी जा रही है जो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बांदा जेल में मुख्तार अंसारी से पुलिस टीम ने पूछताछ की है। पुलिस की पूछताछ में कई लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। पुलिस के हत्थे जो भी अहम जानकारी लगी है उसी आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- यमुना प्रसाद, एसपी