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Lucknow News: अवैध अस्पतालों का खेल, नाम बदलकर फिर से मिल रहा संचालन का परमिट

Mon, 21 Sep 2026 02:20 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 02:20 AM IST
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The racket of illegal hospitals: securing fresh operating permits by simply changing names.
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग अवैध अस्पतालों को खुलवाने और बंद कराने का खेल कर रहा है। जांच में दोषी पाए गए अस्पतालों को बंद करने का कागजी आदेश जारी होता है। इसके बाद अस्पताल संचालक नाम बदलकर उसी जगह पर दूसरे नाम से अस्पताल शुरू कर देते हैं। विभाग इन अस्पतालों को नए सिरे से संचालन का अनुमति पत्र भी जारी कर देता है। एक दो नहीं बल्कि कई अस्पताल दोषी मिलने या कार्रवाई होने पर नाम बदलकर खुलवाए जा रहे हैं। अफसर पुलिस के जरिये कार्रवाई की बात कहकर गेंद दूसरे पाले में डाल रहे हैं।
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डेनियल ट्रॉमा सेंटर बंद, उसी भवन में खुला क्राउन हॉस्पिटल
फैजुल्लागंज बंधा रोड स्थित डेनियल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर अवैध था। जांच के बाद संचालक ने अस्पताल का बोर्ड हटाकर उसे बंद कर दिया था। अब उसी भवन में क्राउन हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल का संचालन शुरू किया गया है। इसी तरह दुबग्गा स्थित किसान हॉस्पिटल में हड्डी के ऑपरेशन के बाद एक युवक की मौत हो गई थी। उस दौरान अस्पताल का पंजीकरण तक नहीं था। मरीज इंटरनेट के माध्यम से आवेदन करके भर्ती किए जा रहे थे। अफसरों ने कार्रवाई के बजाय अस्पताल का पंजीकरण कर दिया था।
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ऑक्सीजन हॉस्पिटल बन गया एवन
ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल में पिछले साल बच्चे के इलाज में लापरवाही से जान चली गई थी। अपर निदेशक लखनऊ मंडल से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से जांच हुई। दोनों की जांच रिपोर्ट में छह माह बाद अस्पताल को दोषी ठहराया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इसी महीने अस्पताल संचालन बंद करने के साथ पुलिस को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद उसी भवन में एवन हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल का संचालन शुरू हो गया। लगभग एक महीने से चल रहे इस अस्पताल का न तो पंजीकरण है और न ही विभाग कोई रोक लगा रहा है।
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अर्पण अस्पताल बन गया धनवंतरि
विभूतिखंड स्थित अर्पण अस्पताल के चार दलालों को पुलिस ने तीन वर्ष पहले गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर अस्पताल संचालन पर रोक लगाई गई थी। कुछ महीने बीतने के बाद ही संचालक ने अस्पताल का नाम बदलकर धनवंतरि के नाम से संचालन शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने इस अस्पताल का पंजीकरण भी कर दिया है जिसका संचालन आज तक हो रहा है।

शिवा हॉस्पिटल जांच में दोषी मिला, पुलिस को भेजी रिपोर्ट
शिवा हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत मामले में फजीहत के बाद अफसरों ने उसे दोषी ठहराया है। हालांकि अस्पताल पर ताला नहीं लगा है। अफसरों का कहना है संचालन पर पहले से रोक लगाई गई थी। वहीं अब पुलिस के जरिये मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई होने की बात कहकर अफसर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

Iजांच में जो भी अस्पताल दोषी मिले हैं उसकी रिपोर्ट पुलिस को भेजी गई है। पुलिस के जरिये अब मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई पूरी करनी है। जांच में जो भी अस्पताल अवैध मिलेंगे उनका संचालन रोका जाएगा। I
Iडॉ. एनबी सिंह, सीएमओI
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