{"_id":"650c4f472f7a636abd0f2848","slug":"the-priest-of-the-temple-will-be-born-in-ayodhya-itself-2023-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम मंदिर: अयोध्या में ही जन्म लेने वाला होगा मंदिर का पुजारी, ड्रेस कोड लागू करने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम मंदिर: अयोध्या में ही जन्म लेने वाला होगा मंदिर का पुजारी, ड्रेस कोड लागू करने की योजना
Thu, 21 Sep 2023 08:11 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 21 Sep 2023 08:11 PM IST
सार
अभी रामलला की सेवा में चार पुजारी तैनात हैं। जबकि इतने ही सेवादार भी लगाए गए हैं। कुल आठ लोग रामलला की पूजा-सेवा में लगे हैं। मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास 1992 से ही रामलला की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।
विज्ञापन
अयोध्या राम मंदिर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नए मंदिर में विराजने वाले रामलला की पूजा व सेवा पद्धति कैसी होगी इसको लेकर भी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंथन में जुटा है। इस पर भी विचार चल रहा है कि अयोध्या में जन्म लेने वाला ही रामलला का पुजारी बने। इतना ही नहीं पुजारियों के लिए खास ड्रेस कोड भी लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
अभी तक रामलला की पूजा पहले से चली आ रही परंपरा के अनुसार होती थी। अब भव्य राम मंदिर के निर्माण और राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के बाद यह सब नए सिरे से तय किया जा रहा है। पूजन पद्धति व रामलला की सेवा को लेकर काशी के वैदिक आचार्यों सहित रामनगरी के संत-धर्माचार्यों से राय ली जा रही है।
विज्ञापन
इसके आधार पर ही पुजारियों का चयन, ट्रेनिंग, ड्रेस कोड, रामलला के पूजन की विधि और नियमित सेवा की पद्धति तैयार की जा रही है। बाल रूप से उनकी सेवा किस तरह हो? इसको लेकर संतों की भावना का खास ध्यान रखा जा रहा है। नियमावली तैयार करने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। राम मंदिर ट्रस्ट की मुहर लगनी शेष है। यह भी जानकारी मिली है कि रामलला की सेवा में प्रशिक्षित पुजारियाें को ही लगाया जाएगा। प्रशिक्षित पुजारियों की एक टीम भी तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि रामजन्मभूमि में निर्माणाधीन राममंदिर का भूतल बनकर तैयार हो चुका है। जनवरी 2024 में रामलला नए मंदिर में विराजेंगें। इसके लिए प्राणप्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
रामलला की सेवा में तैनात हैं चार पुजारी
अभी रामलला की सेवा में चार पुजारी तैनात हैं। जबकि इतने ही सेवादार भी लगाए गए हैं। कुल आठ लोग रामलला की पूजा-सेवा में लगे हैं। मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास 1992 से ही रामलला की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। इनके अलावा तीन सहायक पुजारियों को भी लगाया गया है। नए मंदिर में रामलला के विराजने के बाद इनकी संख्या बढ़ने की संभावना है।