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Lucknow News: ‘अब बस भी करो यार’ नाटक ने दिखाया शिक्षा में भ्रष्टाचार
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अनादि संस्था की ओर से राय उमानाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को ‘अब बस भी करो यार’ नाटक का मंचन किय
लखनऊ। अनादि संस्था की ओर से राय उमानाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को ‘अब बस भी करो यार’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को दिखाया गया। हास्य और व्यंग्य के पुट से सजे इस नाटक का निर्देशन संदीप देव ने किया और इसे लिखा मनोरमा श्रीवास्तव ने। नाटक का प्रस्तुतिकरण किया मुन्नी देवी ने।
कहानी की शुरुआत होती है एक भावुक प्रार्थना इतनी शक्ति हमें देना दाता... से। इसके बाद स्कूल के स्टाफ रूम में चाय की चुस्कियों और औपचारिक अभिवादन के बीच, प्रधानाचार्य भल्ला अपने चपरासी राजेश के साथ प्रवेश करते हैं और सरकार द्वारा भेजे गए आदेश की सूचना देते हैं कि इस वर्ष सांस्कृतिक व खेल महोत्सव होना है। हर शिक्षक को दो-दो प्रतियोगिताओं की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। शुक्ला जी को सीधे खेल अधिकारी बना दिया जाता है। फिर शुरू होता है अपनी जेबें भरने का खेल।
एक दिन शिक्षक धूप सेंक रहे होते हैं तभी डीआईओएस आ जाते हैं। वहां अफरातफरी मच जाती है। सच का पर्दाफाश तब होता है जब एक छात्र बताता है कि शिक्षक यादव जी तो असली शिक्षक के भतीजे हैं। बाद में पता चलता है कि न सिर्फ शिक्षक, बल्कि प्रधानाचार्य, माली, यहां तक कि डीआईओएस भी फर्जी हैं। मंच पर अनिल कुमार, विशाल श्रीवास्तव, आदित्य मिश्रा, गुरुदत्त पांडेय, मनोज वर्मा, मुकुल चौहान, बसंत मिश्रा, निरुपमा राहुल और अंशिका सक्सेना ने सशक्त अभिनय किया l
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कहानी की शुरुआत होती है एक भावुक प्रार्थना इतनी शक्ति हमें देना दाता... से। इसके बाद स्कूल के स्टाफ रूम में चाय की चुस्कियों और औपचारिक अभिवादन के बीच, प्रधानाचार्य भल्ला अपने चपरासी राजेश के साथ प्रवेश करते हैं और सरकार द्वारा भेजे गए आदेश की सूचना देते हैं कि इस वर्ष सांस्कृतिक व खेल महोत्सव होना है। हर शिक्षक को दो-दो प्रतियोगिताओं की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। शुक्ला जी को सीधे खेल अधिकारी बना दिया जाता है। फिर शुरू होता है अपनी जेबें भरने का खेल।
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एक दिन शिक्षक धूप सेंक रहे होते हैं तभी डीआईओएस आ जाते हैं। वहां अफरातफरी मच जाती है। सच का पर्दाफाश तब होता है जब एक छात्र बताता है कि शिक्षक यादव जी तो असली शिक्षक के भतीजे हैं। बाद में पता चलता है कि न सिर्फ शिक्षक, बल्कि प्रधानाचार्य, माली, यहां तक कि डीआईओएस भी फर्जी हैं। मंच पर अनिल कुमार, विशाल श्रीवास्तव, आदित्य मिश्रा, गुरुदत्त पांडेय, मनोज वर्मा, मुकुल चौहान, बसंत मिश्रा, निरुपमा राहुल और अंशिका सक्सेना ने सशक्त अभिनय किया l

अनादि संस्था की ओर से राय उमानाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को ‘अब बस भी करो यार’ नाटक का मंचन किय

अनादि संस्था की ओर से राय उमानाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को ‘अब बस भी करो यार’ नाटक का मंचन किय

अनादि संस्था की ओर से राय उमानाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को ‘अब बस भी करो यार’ नाटक का मंचन किय
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