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Lucknow News: एंबुलेंस के इंतजार में ट्रॉमा गेट पर पड़ा तड़पता रहा मरीज
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ट्रॉमा सेंटर।
लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर से ऑपरेशन से पहले जांच के लिए लारी भेजा गया मरीज एक घंटे तक एंबुलेंस न मिलने से गेट पर ही तड़पता रहा। एक घंटे बाद जब वह लारी पहुंचा, तो जांच नहीं हो सकी। ऐसे में ऑपरेशन टल गया। परिजनाें ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
गोसाईंगंज निवासी विकास झा (35) सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। परिजन उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर आए थे। ट्रॉमा में मरीज को आर्थोपैडिक विभाग में शिफ्ट किया गया। दोपहर करीब 12 बजे ऑपरेशन से पहले टूडी ईको व कुछ अन्य जांच कराने के लिए लारी भेजा गया। परिजन मरीज को लारी ले जा रहे थे, तभी गेट पर सुरक्षा गार्डों ने रोक लिया।
सुरक्षा गार्डों ने एंबुलेंस से मरीज को लेकर जाने की बात कही। इस पर परिजन एक घंटे तक एंबुलेंस के लिए इधर-उधर भटकते रहे। एक घंटे बाद परिजन भागकर दोबारा एंबुलेंस काउंटर पर गए। वहां से दोबारा एंबुलेंस का नंबर बताया, जिसके बाद वे मरीज को लारी ले गए, मगर वहां जांच नहीं हो सकी। जांच न होने से मरीज के पैर का ऑपरेशन भी टल गया।
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परचे पर लिखा था अर्जेंट
आर्थोपैडिक विभाग के डॉक्टरों ने मरीज के परचे पर जांच के लिए अर्जेंट लिखकर भेजा था। इसके बाद भी लारी में जांच संभव नहीं हुई।
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गोसाईंगंज निवासी विकास झा (35) सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। परिजन उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर आए थे। ट्रॉमा में मरीज को आर्थोपैडिक विभाग में शिफ्ट किया गया। दोपहर करीब 12 बजे ऑपरेशन से पहले टूडी ईको व कुछ अन्य जांच कराने के लिए लारी भेजा गया। परिजन मरीज को लारी ले जा रहे थे, तभी गेट पर सुरक्षा गार्डों ने रोक लिया।
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सुरक्षा गार्डों ने एंबुलेंस से मरीज को लेकर जाने की बात कही। इस पर परिजन एक घंटे तक एंबुलेंस के लिए इधर-उधर भटकते रहे। एक घंटे बाद परिजन भागकर दोबारा एंबुलेंस काउंटर पर गए। वहां से दोबारा एंबुलेंस का नंबर बताया, जिसके बाद वे मरीज को लारी ले गए, मगर वहां जांच नहीं हो सकी। जांच न होने से मरीज के पैर का ऑपरेशन भी टल गया।
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परचे पर लिखा था अर्जेंट
आर्थोपैडिक विभाग के डॉक्टरों ने मरीज के परचे पर जांच के लिए अर्जेंट लिखकर भेजा था। इसके बाद भी लारी में जांच संभव नहीं हुई।