{"_id":"6a120d778bc7599fad01637d","slug":"the-operation-was-done-from-the-chief-ministers-relief-fund-the-medicine-was-prescribed-outside-lucknow-news-c-13-lko1096-1751175-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: मुख्यमंत्री राहत कोष से हुआ ऑपरेशन, दवा लिखी बाहर की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: मुख्यमंत्री राहत कोष से हुआ ऑपरेशन, दवा लिखी बाहर की
विज्ञापन
निजी मेडिकल स्टोर का परचा।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए परचियां थमाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री और अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में पंजीकृत मरीज भी बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर हैं। इस मामले की शिकायत के बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं।
गोरखपुर निवासी महिला मरीज को दिल की गंभीर बीमारी है। परिजनों ने उसे केजीएमयू के सीटीवीएस विभाग में भर्ती कराया है। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन मुख्यमंत्री राहत कोष से हुआ। आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज के लिए करीब साढ़े आठ हजार रुपये की दवाएं बाहर से मंगाईं और इसे एक तय मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा। आरोप है कि कई अन्य मरीजों के साथ भी ऐसा ही किया जा रहा है।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि परिसर में ही एचआरएफ स्टोर हैं, जहां 40 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर पर भेजा जा रहा है। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि नियमों के विपरीत बाहर की दवाएं लिखी गई हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर निवासी महिला मरीज को दिल की गंभीर बीमारी है। परिजनों ने उसे केजीएमयू के सीटीवीएस विभाग में भर्ती कराया है। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन मुख्यमंत्री राहत कोष से हुआ। आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज के लिए करीब साढ़े आठ हजार रुपये की दवाएं बाहर से मंगाईं और इसे एक तय मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा। आरोप है कि कई अन्य मरीजों के साथ भी ऐसा ही किया जा रहा है।
विज्ञापन
मरीजों के परिजनों का कहना है कि परिसर में ही एचआरएफ स्टोर हैं, जहां 40 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर पर भेजा जा रहा है। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि नियमों के विपरीत बाहर की दवाएं लिखी गई हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन