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16 मई को देखा जाएगा रमजान-उल-मुबारक का चांद, ये है तरावीह की नमाज का समय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 14 May 2018 03:41 PM IST
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- फोटो : डेमो
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बरकत और इबादत के माह रमजान-उल-मुबारक में अल्लाह की रहमतों की बारिश में सराबोर होने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रमजान के इस्तकबाल के लिए शहर की मस्जिदें भी तैयार हो रही हैं।
हो भी क्यों न, इस मुकद्दस महीने में इबादत का सवाब जो आम दिनों की इबादत से सत्तर गुना बढ़ जाता है। सहरी और इफ्तार के लिए मुसलमानों ने खरीदारी शुरू कर दी है।
इबादतगाहों में रमजान का चांद दिखने के बाद शुरू होने वाली विशेष नमाज-ए-तरावीह की तैयारी हो रही है। इसके लिए शहर की मस्जिदों में हाफिजों को आमंत्रित किया गया है।
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रमजान-उल-मुबारक का चांद 16 मई को देखा जाएगा। मुस्लिम परिवारों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। घरों में महिलाओं ने सहरी और इफ्तार के लिए बाजारों से खरीदारी शुरू कर दी है।
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हो भी क्यों न, इस मुकद्दस महीने में इबादत का सवाब जो आम दिनों की इबादत से सत्तर गुना बढ़ जाता है। सहरी और इफ्तार के लिए मुसलमानों ने खरीदारी शुरू कर दी है।
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इबादतगाहों में रमजान का चांद दिखने के बाद शुरू होने वाली विशेष नमाज-ए-तरावीह की तैयारी हो रही है। इसके लिए शहर की मस्जिदों में हाफिजों को आमंत्रित किया गया है।
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रमजान-उल-मुबारक का चांद 16 मई को देखा जाएगा। मुस्लिम परिवारों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। घरों में महिलाओं ने सहरी और इफ्तार के लिए बाजारों से खरीदारी शुरू कर दी है।
यहां पढ़ें समय
रमजान में होने वाली तरावीह की विशेष नमाज में हाफिज कुरान के पारे बगैर देखे सुनाते हैं। नमाज के दौरान कुरान की तिलावत में किसी भी तरह की चूक न हो, हाफिजों ने इससे बचने के लिए कुरान की मश्क (अभ्यास) तेज कर दी है।
दिन भर रोजा रखने के बाद मुसलमान अपनी सहूलियत के मुताबिक राजधानी में अलग-अलग मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा करेंगे। रमजान का चांद दिखने के साथ मस्जिदों में शुरू होने वाली नमाज-ए-तरावीह का दौर पूरे एक माह तक चलता रहेगा।
दिन भर रोजा रखने के बाद मुसलमान अपनी सहूलियत के मुताबिक राजधानी में अलग-अलग मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा करेंगे। रमजान का चांद दिखने के साथ मस्जिदों में शुरू होने वाली नमाज-ए-तरावीह का दौर पूरे एक माह तक चलता रहेगा।