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द कश्मीर फाइल्स: निर्देशक विवेक अग्निहोत्री बोले- आधा सच जानने वाले ही विवाद की जड़
Mon, 21 Mar 2022 10:16 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 21 Mar 2022 10:16 AM IST
सार
‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता-निर्देशक लखनऊ में मीडिया से रूबरू हुए और फिल्म से जुड़े विवादों पर बात की और उनके जवाब दिए।
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मीडिया से रूबरू द कश्मीर फाइल्स की टीम।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वैश्विक पटल पर लोगों का ध्यान खींचने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ संवेदनशीलता, मानवाधिकार और नरसंहार के खिलाफ अलग-अलग विचारधारा के लोगों को एक मंच पर लाने में सफल रही। दरअसल, फिल्म का आधा सच जानने वाले ही विवाद की जड़ हैं। यह बातें फिल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहीं। विवेक फिल्म के निर्माता अभिषेक अग्रवाल और अभिनेत्री पल्लवी जोशी के साथ राजधानी में मीडियाकर्मियों से मुखातिब थे। हालांकि इस दौरान अभिनेता अनुपम खेर मौजूद नहीं थे।
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शिवसेना के आरोपों के जवाब में विवेक ने कहा कि राम और रावण की तरह यह विश्व मानवतावादियों और आतंकवादियों में बंटा है। कुछ लोग बाहर रो रहे हैं कि अंदर बैठे लोग शांत क्यों हैं? जब अच्छा होता है तो राजनीतिज्ञ उत्तेजित होकर धमकियां देते हैं। यही स्थिति शिवसेना की है, जो आधा सच ही जानते हैं। उन्होंने कहा कि वह भी यूपी से हैं और फिल्म की सफलता से खुश हैं। सफलता-असफलता बॉक्स ऑफिस की बात है। यह फिल्म विश्व को और भारत के हर समुदाय को जोड़ने में सफल रही है।
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आतंकवाद को बौद्धिक संरक्षण से विनाश
विवेक ने कहा कि फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि आतंकवाद जब किसी समाज में घुसता है और कुछ लोग इसे बौद्धिक संरक्षण देते हैं, तभी समाज का विनाश शुरू होता है। यह फिल्म भारत के लिए अभूतपूर्व उपलब्धि है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने फिल्म हिट होने के परंपरागत तरीके को बदला है। फिल्म मनोरंजन उद्योग को पुनर्जीवित करने में सफल रही है। यह भी साबित हो गया कि कोई भी फिल्म सिर्फ स्टार के भरोसे नहीं चलती।
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32 साल बाद नरसंहार का सच सामने आया
विवेक ने कहा कि 32 साल बात यह कहानी लोगों के सामने आई है। हमारा मकसद सफल रहा। अगली फिल्म भी आतंकवाद से जुड़ी है। फिल्म कमाई करेगी तो ऐसे ही और गंभीर मुद्दों पर काम करेंगे।
सौ फीसदी तथ्यों पर है फिल्म, आरोप लगाने वाले हमसे मिलें
अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने दावा किया कि फिल्म सौ फीसदी तथ्यों पर आधारित है। चार साल तक शोध किया गया, पीड़ित परिवारों से उनका दर्द जाना गया, तब यह फिल्म बन पायी। काल्पनिकता का आरोप लगाने वाले हमसे आकर मिलें, हम सच से रूबरू कराएंगे। फिल्म का शेष जल्द ही वेबसीरिज के रूप में सामने आएगा।