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Lucknow News: शरीर में घुलकर लिगामेंट को मजबूत बनाएगा इंप्लांट
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लिगामेंट इंप्लांट सर्जरी के बाद मरीज को देखते डॉक्टर अभिषेक सैनी।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में पहली बार शरीर में घुलने वाले लिगामेंट इंप्लांट लगाकर सर्जरी की गई। इसकी कीमत चार लाख रुपये है। प्रदेश सरकार की दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस योजना के तहत यह ऑपरेशन निशुल्क हुआ। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज अपने पैरों पर चलने-फिरने लगा है।
आगरा में तैनात पुलिसकर्मी अनुराग कुमार फुटबाल खिलाड़ी हैं। पिछले महीने खेलते हुए उनके लिगामेंट में चोट आ गई थी। स्थानीय डॉक्टरों को दिखाने के बाद राहत नहीं मिलने पर वह केजीएमयू आए। यहां स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के डॉ. अभिषेक सैनी ने जांच के बाद सर्जरी की बात कही। सामान्य रूप से इस तरह की चोट में पारंपरिक सर्जरी होती है, लेकिन खिलाड़ियों के मामले में उसमें दोबारा समस्या पैदा होने का खतरा रहता है। इसको देखते हुए इस मामले में आधुनिक रीइन्फोर्स बायो इंडक्टिव इंप्लांट इस्तेमाल करने का फैसला किया गया।
केजीएमयू के एचआरएफ में इसे हाल ही में अनुमति मिली है। बाजार में इसकी कीमत चार लाख रुपये है। एचआरएफ में सामान्य मरीजों के लिए यह करीब तीन लाख 40 हजार रुपये का पड़ेगा। इस मामले में योजना के तहत मरीज को यह निशुल्क लगाया गया है।
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छोटे चीरे से हुआ ऑपरेशन
यह सर्जरी छोटे से छेद के माध्यम से की गई। यह इंप्लांट जाली की तरह होता है, जिसे मरीज के शरीर से निकाले ग्राफ्ट पर सिला गया। सिलने से पहले इसे मरीज के ही खून में पांच मिनट तक भिगोया गया। इसके बाद इसे चोट वाले हिस्से में प्रत्यारोपित किया गया। इसमें करीब 45 मिनट का समय लगा। इस इंप्लांट में दोबारा सर्जरी होने की आशंका बेहद कम होती है।
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जानें, क्या है लिगामेंट की चोट
लिगामेंट की चोट ऐसी चोट है, जिसमें हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले मजबूत ऊतक खिंच या फट जाते हैं। अचानक मोड़ या चोट की वजह से ऐसा होता है। इससे दर्द, सूजन और जोड़ों में अस्थिरता जैसे लक्षण होते हैं। इनका इलाज न कराने पर लंबे समय तक समस्या बनी रहती है।
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आगरा में तैनात पुलिसकर्मी अनुराग कुमार फुटबाल खिलाड़ी हैं। पिछले महीने खेलते हुए उनके लिगामेंट में चोट आ गई थी। स्थानीय डॉक्टरों को दिखाने के बाद राहत नहीं मिलने पर वह केजीएमयू आए। यहां स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के डॉ. अभिषेक सैनी ने जांच के बाद सर्जरी की बात कही। सामान्य रूप से इस तरह की चोट में पारंपरिक सर्जरी होती है, लेकिन खिलाड़ियों के मामले में उसमें दोबारा समस्या पैदा होने का खतरा रहता है। इसको देखते हुए इस मामले में आधुनिक रीइन्फोर्स बायो इंडक्टिव इंप्लांट इस्तेमाल करने का फैसला किया गया।
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केजीएमयू के एचआरएफ में इसे हाल ही में अनुमति मिली है। बाजार में इसकी कीमत चार लाख रुपये है। एचआरएफ में सामान्य मरीजों के लिए यह करीब तीन लाख 40 हजार रुपये का पड़ेगा। इस मामले में योजना के तहत मरीज को यह निशुल्क लगाया गया है।
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छोटे चीरे से हुआ ऑपरेशन
यह सर्जरी छोटे से छेद के माध्यम से की गई। यह इंप्लांट जाली की तरह होता है, जिसे मरीज के शरीर से निकाले ग्राफ्ट पर सिला गया। सिलने से पहले इसे मरीज के ही खून में पांच मिनट तक भिगोया गया। इसके बाद इसे चोट वाले हिस्से में प्रत्यारोपित किया गया। इसमें करीब 45 मिनट का समय लगा। इस इंप्लांट में दोबारा सर्जरी होने की आशंका बेहद कम होती है।
जानें, क्या है लिगामेंट की चोट
लिगामेंट की चोट ऐसी चोट है, जिसमें हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले मजबूत ऊतक खिंच या फट जाते हैं। अचानक मोड़ या चोट की वजह से ऐसा होता है। इससे दर्द, सूजन और जोड़ों में अस्थिरता जैसे लक्षण होते हैं। इनका इलाज न कराने पर लंबे समय तक समस्या बनी रहती है।