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Lucknow News: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निगम, एनएचएआई से मांगा जवाब
Fri, 25 Apr 2025 02:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 25 Apr 2025 02:13 AM IST
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हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निगम, एनएचएआई से मांगा जवाब
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के प्रमुख बाजारों की सड़कों पर व प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों व एक्सप्रेसवे पर अतिक्रमण कर अवैध पुलिस चौकियां बनाने के खिलाफ दायर मामले में राज्य सरकार, नगर निगम समेत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को जवाबी हलफनामे दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई नियत की है।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश वकील मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। याची ने पहले, वर्ष 2020 में याचिका दायर कर राजधानी समेत प्रदेश की सड़कों, राजमार्गों व प्रमुख बाजारों में बनाई गई ऐसी अवैध पुलिस चौकियों व अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए जाने की गुजारिश की थी।
इस मामले को अमर उजाला ने सबसे पहले अमीनाबाद में चौराहे पर बनी अवैध पुलिस चौकी की खबर प्रकाशित कर उठाया था। याचिका में इसी से संबंधित छपी खबरों को संलग्न कर इस मुद्दे को उठाया गया था। कोर्ट ने 11 नवंबर 2021 को याचिका निस्तारित कर दी थी। अब याची ने फिर नई याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि इन चौकियों के पक्के निर्माण हटवाने के लिए नगर निगम नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन पांच साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बल्कि और अधिक ऐसी चौकियों का निर्माण हुआ है।
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मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश वकील मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। याची ने पहले, वर्ष 2020 में याचिका दायर कर राजधानी समेत प्रदेश की सड़कों, राजमार्गों व प्रमुख बाजारों में बनाई गई ऐसी अवैध पुलिस चौकियों व अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए जाने की गुजारिश की थी।
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इस मामले को अमर उजाला ने सबसे पहले अमीनाबाद में चौराहे पर बनी अवैध पुलिस चौकी की खबर प्रकाशित कर उठाया था। याचिका में इसी से संबंधित छपी खबरों को संलग्न कर इस मुद्दे को उठाया गया था। कोर्ट ने 11 नवंबर 2021 को याचिका निस्तारित कर दी थी। अब याची ने फिर नई याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि इन चौकियों के पक्के निर्माण हटवाने के लिए नगर निगम नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन पांच साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बल्कि और अधिक ऐसी चौकियों का निर्माण हुआ है।
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