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गलत रिपोर्ट लगाने पर निगोहां थाने का दरोगा तलब
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कोर्ट ने दरोगा को किया तलब। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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फार्म हाउस से सोलर पैनल चोरी होने का मुकदमा नहीं लिखने पर वादी कोर्ट गया तो निगोहां पुलिस ने गलत रिपोर्ट लगा दी। इसमें कहा कि वादी ने जिसे नामजद किया है, वह निर्दोष है, जबकि पीड़ित ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट की अर्जी दी थी।
इस पर एसीजेएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दरोगा राम देव गुप्ता को तलब किया। कहा कि 17 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में स्पष्टीकरण दें कि अवमानना के लिए क्यों न दरोगा को दंडित किया जाए। कोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है। स्पष्टीकरण नहीं देने पर नियमानुसार कार्यवाही शुरू की जाएगी।
कोर्ट में वादी सत्येंद्र सिंह ने वकील ध्रुव सिंह के जरिये अर्जी देकर कहा कि अज्ञात चोरों ने गत 27 जुलाई को फार्म पर लगे सोलर पैनल को चोरी कर लिया।
मामले की रिपोर्ट दर्ज न करने पर वादी ने कोर्ट में अर्जी दी। इस पर जब कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट तलब की तो उपनिरीक्षक रामदेव गुप्ता ने रिपोर्ट देकर कहा कि आवेदक सत्येंद्र सिंह ने पेशबंदी में खेत की रखवाली करने वाले भरत का नाम प्रार्थना पत्र में अंकित किया है।
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वादी के वकील ने कोर्ट को बताया कि अर्जी में किसी को नामजद नहीं किया गया, बल्कि अज्ञात चोरों के खिलाफ अर्जी दी गई है, लेकिन दरोगा रामदेव ने गलत रिपोर्ट देकर कोर्ट को गुमराह किया कि भरत नामक व्यक्ति को अर्जी में नामजद किया गया।
धोखाधड़ी के आरोपी को सशर्त अग्रिम जमानत
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश लोकेश वरुण ने धोखाधड़ी के आरोपी श्रीराम को सशर्त अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट में आरोपी के वकील प्रवीण यादव ने कहा कि मामले में घटना की रिपोर्ट 17 अप्रैल 2018 को वजीरगंज थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसमें जमीन को बेचने एवं इकरारनामा की शर्तों को न मानने का आरोप लगाया गया है। बहस के दौरान कहा गया था कि जमीन को खरीदने के लिए वर्ष 2014 में पंजीकृत इकरारनामा कराया गया था तथा इसके होने के बावजूद अन्य को जमीन बेचने का आरोप लगाया गया।
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इस पर एसीजेएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दरोगा राम देव गुप्ता को तलब किया। कहा कि 17 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में स्पष्टीकरण दें कि अवमानना के लिए क्यों न दरोगा को दंडित किया जाए। कोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है। स्पष्टीकरण नहीं देने पर नियमानुसार कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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कोर्ट में वादी सत्येंद्र सिंह ने वकील ध्रुव सिंह के जरिये अर्जी देकर कहा कि अज्ञात चोरों ने गत 27 जुलाई को फार्म पर लगे सोलर पैनल को चोरी कर लिया।
मामले की रिपोर्ट दर्ज न करने पर वादी ने कोर्ट में अर्जी दी। इस पर जब कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट तलब की तो उपनिरीक्षक रामदेव गुप्ता ने रिपोर्ट देकर कहा कि आवेदक सत्येंद्र सिंह ने पेशबंदी में खेत की रखवाली करने वाले भरत का नाम प्रार्थना पत्र में अंकित किया है।
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वादी के वकील ने कोर्ट को बताया कि अर्जी में किसी को नामजद नहीं किया गया, बल्कि अज्ञात चोरों के खिलाफ अर्जी दी गई है, लेकिन दरोगा रामदेव ने गलत रिपोर्ट देकर कोर्ट को गुमराह किया कि भरत नामक व्यक्ति को अर्जी में नामजद किया गया।
धोखाधड़ी के आरोपी को सशर्त अग्रिम जमानत
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश लोकेश वरुण ने धोखाधड़ी के आरोपी श्रीराम को सशर्त अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट में आरोपी के वकील प्रवीण यादव ने कहा कि मामले में घटना की रिपोर्ट 17 अप्रैल 2018 को वजीरगंज थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसमें जमीन को बेचने एवं इकरारनामा की शर्तों को न मानने का आरोप लगाया गया है। बहस के दौरान कहा गया था कि जमीन को खरीदने के लिए वर्ष 2014 में पंजीकृत इकरारनामा कराया गया था तथा इसके होने के बावजूद अन्य को जमीन बेचने का आरोप लगाया गया।