फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The court summoned daroga for making a wrong report

गलत रिपोर्ट लगाने पर निगोहां थाने का दरोगा तलब

Sat, 15 Jan 2022 01:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jan 2022 01:09 AM IST
विज्ञापन
The court summoned daroga for making a wrong report
कोर्ट ने दरोगा को किया तलब। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
फार्म हाउस से सोलर पैनल चोरी होने का मुकदमा नहीं लिखने पर वादी कोर्ट गया तो निगोहां पुलिस ने गलत रिपोर्ट लगा दी। इसमें कहा कि वादी ने जिसे नामजद किया है, वह निर्दोष है, जबकि पीड़ित ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट की अर्जी दी थी।
विज्ञापन

इस पर एसीजेएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दरोगा राम देव गुप्ता को तलब किया। कहा कि 17 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में स्पष्टीकरण दें कि अवमानना के लिए क्यों न दरोगा को दंडित किया जाए। कोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है। स्पष्टीकरण नहीं देने पर नियमानुसार कार्यवाही शुरू की जाएगी।
विज्ञापन

कोर्ट में वादी सत्येंद्र सिंह ने वकील ध्रुव सिंह के जरिये अर्जी देकर कहा कि अज्ञात चोरों ने गत 27 जुलाई को फार्म पर लगे सोलर पैनल को चोरी कर लिया।
मामले की रिपोर्ट दर्ज न करने पर वादी ने कोर्ट में अर्जी दी। इस पर जब कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट तलब की तो उपनिरीक्षक रामदेव गुप्ता ने रिपोर्ट देकर कहा कि आवेदक सत्येंद्र सिंह ने पेशबंदी में खेत की रखवाली करने वाले भरत का नाम प्रार्थना पत्र में अंकित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वादी के वकील ने कोर्ट को बताया कि अर्जी में किसी को नामजद नहीं किया गया, बल्कि अज्ञात चोरों के खिलाफ अर्जी दी गई है, लेकिन दरोगा रामदेव ने गलत रिपोर्ट देकर कोर्ट को गुमराह किया कि भरत नामक व्यक्ति को अर्जी में नामजद किया गया।

धोखाधड़ी के आरोपी को सशर्त अग्रिम जमानत
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश लोकेश वरुण ने धोखाधड़ी के आरोपी श्रीराम को सशर्त अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट में आरोपी के वकील प्रवीण यादव ने कहा कि मामले में घटना की रिपोर्ट 17 अप्रैल 2018 को वजीरगंज थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसमें जमीन को बेचने एवं इकरारनामा की शर्तों को न मानने का आरोप लगाया गया है। बहस के दौरान कहा गया था कि जमीन को खरीदने के लिए वर्ष 2014 में पंजीकृत इकरारनामा कराया गया था तथा इसके होने के बावजूद अन्य को जमीन बेचने का आरोप लगाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed