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Lucknow News: करंट से झुलसे संविदाकर्मी की हालत नाजुक
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अस्पताल में भर्ती धीरज।
लखनऊ। दुबग्गा उपकेंद्र पर करंट की चपेट में आए संविदाकर्मी धीरज गौतम (29) की हालत तीसरे दिन भी नाजुक बनी हुई है। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग और कंपनी के अधिकारी इलाज में कोई ठोस मदद नहीं कर रहे।
बीते शनिवार शाम धीरज पोल पर लाइन दुरुस्त कर रहे थे, तभी जेहटा फीडर का शटडाउन न लेने की बड़ी लापरवाही से वह करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे। देर रात डॉक्टरों ने उनके दाहिने हाथ की सर्जरी भी की।
घायल के चचेरे भाई साजन ने बताया कि विभाग और कंपनी के अफसर सिर्फ औपचारिकता निभाकर लौट गए। कंपनी के सुपरवाइजर ने तीन से चार दिन में अकाउंट में पैसा भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली। वहीं, एसडीओ एमए मंसूरी का कहना है कि विभाग से अब तक 1.60 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। सोमवार देर रात धीरज को निजी अस्पताल से छुट्टी दिलाकर इलाज में खर्च हुए 57 हजार रुपये जमा कर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है कि धीरज की हालत बेहद गंभीर है और समय रहते समुचित इलाज न मिलने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
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बीते शनिवार शाम धीरज पोल पर लाइन दुरुस्त कर रहे थे, तभी जेहटा फीडर का शटडाउन न लेने की बड़ी लापरवाही से वह करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे। देर रात डॉक्टरों ने उनके दाहिने हाथ की सर्जरी भी की।
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घायल के चचेरे भाई साजन ने बताया कि विभाग और कंपनी के अफसर सिर्फ औपचारिकता निभाकर लौट गए। कंपनी के सुपरवाइजर ने तीन से चार दिन में अकाउंट में पैसा भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली। वहीं, एसडीओ एमए मंसूरी का कहना है कि विभाग से अब तक 1.60 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। सोमवार देर रात धीरज को निजी अस्पताल से छुट्टी दिलाकर इलाज में खर्च हुए 57 हजार रुपये जमा कर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है कि धीरज की हालत बेहद गंभीर है और समय रहते समुचित इलाज न मिलने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
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