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UP: सपा के 18 हजार एफिडेविट देने के मामले में सीईओ ने मांगी शपथपत्र की मूल प्रतियां, एक्स पर दिया बयान

Mon, 25 Aug 2025 04:41 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 25 Aug 2025 04:41 PM IST
सार

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सपा द्वारा चुनाव आयोग को 18 हजार एफिडेविट दिये जाने के मामले में जवाब दिया है। सीईओ ने कहा कि आयोग को शपथ पत्रों की स्कैंड कापी मिली थी। उन्होंंने अनुरोध किया कि शपथपत्र की मूलप्रतियां उपलब्ध करवाई जाएं जिससे कि जांच की जा सके।

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The Chief Electoral Officer replied to the SP's 18 thousand affidavits issue.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समाजवादी पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए 18 हजार एफिडेविट को लेकर सोशल साइट एक्स पर दो ट्वीट किए। एक्स पर दिए गए अपने बयान में सीईओ ने सपा से शपथपत्रों की मूलप्रतियों की मांग की है जिससे कि तेजी से जांच की जा सके। वहीं, पहले किए गए ट्वीट में ये भी कहा था कि एक भी शपथपत्र की मूल प्रति नहीं मिली है।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक्स पर दिए गए अपने बयान में कहा कि जैसे की विगत ट्वीट में अवगत कराया गया है कि 18000 व्यक्तियों के शपथ पत्रों के स्थान पर अभी तक केवल 3919 शपथ पत्रों की  स्कैंड कापी  ही ईमेल के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। संभव हैं की ईमेल भेजते समय आपका कार्यालय 18000 के स्थान पर त्रुटिवश केवल 3919 शपथ पत्रों की स्कैंड कापी को ही विभिन्न अटैच्ड फोल्डर में सेव कर पाया हो। अत: अनुरोध है कि 18 हजार मतदाताओं के शपथ पत्र जिनके संबंध में आपकी पार्टी द्वारा ईमेल के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग को शिकायत की गई थी उन समस्त 18,000 शपथ पत्रों की मूल प्रतियां सुविधानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के कार्यालय में अथवा संबंधित जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अथवा संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराने का कष्ट करें जिससे जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सके। यह भी अनुरोध है कि आपके द्वारा हस्तगत कराए जाने वाले शपथपत्रों की सूची पर संबंधित कार्यालय से हस्तगत कराए जाने के प्रमाण स्वरूप पावती अवश्य प्राप्त करें जिससे स्पष्ट हो सके कि आपके द्वारा दिए गए कितने शपथ पत्र संबंधित कार्यालय में किस तिथि को प्राप्त हुए। इस संबंध में आवश्यक निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारीगण (DEOs) तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारीगण (EROs) को दे दिये गये हैं।
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इसके पहले किए गए ट्वीट में सीईओ ने कहा कि 18 हजार शपथ पत्रों के साथ की गई शिकायत का जो उल्लेख बार-बार किया जा रहा है उसके संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि एक भी मतदाता का शपथ पत्र मूलरूप में प्राप्त नहीं हुआ है। ईमेल के माध्यम से समाजवादी पार्टी द्वारा जो शिकायत की गई है उसमें लगभग 3919 अलग-अलग नाम के व्यक्तियों के शपथ पत्रों की स्कैंड कापी अवश्य प्राप्त हुई हैं।

शिकायत 33 जिलों के 74 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित है। 5 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित शिकायत की जांच पूर्ण हो चुकी है और एक्स के माध्यम से आम जनता के समक्ष जांच के निष्कर्ष को प्रस्तुत भी किया जा चुका है। अभी तक जिन पांच विधानसभा क्षेत्रों की जांच सम्पन्न हुई है उनमें यह पाया गया है कि ऐसे कुछ व्यक्तियों के नाम से नवम्बर 2022 में शपथ पत्र बने हैं जिनकी मृत्यु वर्ष 2022 से कई साल पूर्व हो चुकी थी। कुछ व्यक्तियों ने अपने नाम से बने शपथ पत्र की स्कैंड कापी को दिखाने पर ऐसा कोई भी शपथ पत्र देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि कानूनन गलत साक्ष्य दिया जाना एक अपराध माना जाता है। 
 

सपा ने आयोग को भाजपा का एक अंग बताया
बता दें एक्स पर सपा की ओर से कहा गया था कि 2022 का पूरा विधानसभा चुनाव, सभी उपचुनाव भाजपा सत्ता की मिलीभगत, इशारे पर लूटे गए और धृतराष्ट्र की भांति चुनाव आयोग भाजपाई बेइमानी के मूक समर्थन में बेइमानियों में संलिप्त रहा।

क्या कार्यवाही हुई उन 18 हजार से अधिक एफिडेविट और जनता द्वारा बयां की गई शिकायतों पर? उल्टा शिकायतकर्ताओं को धमकाने की सूचनाएं भी मिलीं जो कि बेहद शर्मनाक हैं।


जनता का भरोसा चुनाव आयोग से पूरी तरह से उठ चुका है और जनता ने मान लिया है कि चुनाव आयोग भाजपा पार्टी का ही एक अंग है एवं चुनावी भाजपाई बेइमानियों का हिस्सा है।

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