वाणिज्यकर कर्मियों की शिकायतों के निस्तारण को और 10 दिन का मौका
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वाणिज्यकर कर्मियों की सेवा से संबंधित परिवादों के निस्तारण के लिए सेवा माह की अवधि 20 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। अब 20 जनवरी तक परिवादों का निस्तारण किया जाएगा। सेवा माह के दौरान अब तक अधिक आवेदन प्राप्त होने की वजह से वाणिज्यक कर आयुक्त कामिनी चौहान रतन ने सेवा माह को और 10 दिन तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही त्वरित गति से आवेदनों के निस्तारण के लिए पूर्व की व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब संबंधित एडीशनल कमिश्नर द्वारा ही निस्तारित करने को कहा गया है। पहले इस काम के लिए जोनल एडीशनल कमिश्नरों को नामित किया किया गया था।
दरअसल वाणिज्यकर विभाग के सेवारत, सेवानिवृत्त और मृतक आश्रित कर्मियों की सेवा संबंधित शिकायतों (परिवाद) के निस्तारण के लिए विभागीय मुख्यालय द्वारा एक महीने तक सेवा माह का आयोजन करने का फैसला किया गया था। इस विशेष महीने की शुरूआत 10 दिसंबर को शुरू हुई थी। इस लिहाज से सेवा माह 10 जनवरी को समाप्त हो रहा था। लेकिन सेवा माह के दौरान सेवा से संबंधित परिवादों की अधिक संख्या प्राप्त हुई हैं, जिसका निस्तारण इस अवधि में संभव नहीं है। इसके मद्देनजर वाणिज्यकर आयुक्त ने सेवा माह को और 10 दिन बढ़ाने का आदेश दिया है।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए गए हैं कि परिवादों के निस्तारण की जिम्मेदारी अब उन एडीशनल कमिश्नरों की होगी, जो शिकायतों से संबंधित होंगे। इससे पहले यह जिम्मेदारी सभी जोनल एडीशनल कमिश्नरों को दी गई थी। सेवा संबंधी शिकायतों का निस्तारण करने के साथ ही सभी कर्मियों के पूरा ब्यौरा विभाग द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन मॉड्यूल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित मामले सबसे अधिक
सेवा माह के दौरान सबसे अधिक आवेदन चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित प्राप्त हुए हैं। इनके निस्तारण के लिए विशेष फोकस करने का निर्देश देते हुए वाणिज्यकर आयुक्त ने कहा है कि ऐसे मामलों का निस्तारण इस संबंध में जारी नये शासनादेश के आधार पर किया जाए। साथ ही लंबित बिलों का भुगतान त्वरित गति से कराया जाए। जोनवार निस्तारित मामलों की सूची तैयार कर स्थापना राजपत्रित अनुभाग को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।