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Lucknow News: रिफंड बंद होते ही बढ़ गई तेजस की लेटलतीफी, यात्री परेशान
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दो घंटे से अधिक देरी पर मिलते थे 250 रुपये, एक घंटे पर सौ रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस की लेटलतीफी पर यात्रियों को मिलने वाला रिफंड बंद कर दिया गया है। यही वजह है कि ट्रेन के संचालन को लेकर अफसर लापरवाह हो गए हैं और ट्रेन पिछले कई दिनों से देरी की शिकार हो रही है।
वर्ष 2019 में देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस पटरी पर उतरी। लखनऊ जंक्शन से दिल्ली के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस का ऑपरेशन आईआरसीटीसी के पास है। यात्रियों की गुडबुक में ट्रेन को शामिल करने के लिए लेटलतीफी पर रिफंड की सुविधा दी गई। इसके तहत एक घंटे लेट होने पर सौ रुपये व दो घंटे या उससे अधिक होने पर 250 रुपये मिलते थे। गत वर्ष तक यह सुविधा जारी रही। इसके बाद आईआरसीटीसी ने इसे बंद कर दिया। लेटलतीफी पर 18 लाख रुपये से अधिक रिफंड यात्रियों को दिया जा चुका है। चूंकि पहले लेटलतीफी पर यात्रियों को रिफंड देना पड़ता था, इसलिए आईआरसीटीसी प्रशासन ट्रेन संचालन को लेकर संजीदगी दिखाता था। लखनऊ से दिल्ली वाया कानपुर रूट की अन्य ट्रेनों की तुलना में आईआरसीटीसी कम लेट होती थी। लेकिन अब रिफंड की व्यवस्था बंद कर दी गई है। इसलिए ट्रेन भी लगभग रोजाना देरी की शिकार हो रही है। पिछले एक हफ्ते से तेजस दस से ग्यारह घंटे लेट हो रही है। इससे यात्रियों की उड़ानें छूट रही हैं। उन्हें रातभर तेजस में बैठकर सफर करना पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
देरी पर करना होगा खानपान का इंतजाम
दिल्ली से लखनऊ आने पर तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को खाना परोसा जाता है। ट्रेन दस बजे के आसपास लखनऊ पहुंचती है। लेकिन लेट होने पर यात्रियों को कभी-कभी खिचड़ी तो कभी स्नैक्स परोसे जा रहे थे। लेकिन अब ट्रेन लेट हुई तो प्रॉपर खाने का इंतजाम करना होगा। इसे लेकर रेलवे प्रशासन तैयारियां कर रहा है।
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस की लेटलतीफी पर यात्रियों को मिलने वाला रिफंड बंद कर दिया गया है। यही वजह है कि ट्रेन के संचालन को लेकर अफसर लापरवाह हो गए हैं और ट्रेन पिछले कई दिनों से देरी की शिकार हो रही है।
वर्ष 2019 में देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस पटरी पर उतरी। लखनऊ जंक्शन से दिल्ली के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस का ऑपरेशन आईआरसीटीसी के पास है। यात्रियों की गुडबुक में ट्रेन को शामिल करने के लिए लेटलतीफी पर रिफंड की सुविधा दी गई। इसके तहत एक घंटे लेट होने पर सौ रुपये व दो घंटे या उससे अधिक होने पर 250 रुपये मिलते थे। गत वर्ष तक यह सुविधा जारी रही। इसके बाद आईआरसीटीसी ने इसे बंद कर दिया। लेटलतीफी पर 18 लाख रुपये से अधिक रिफंड यात्रियों को दिया जा चुका है। चूंकि पहले लेटलतीफी पर यात्रियों को रिफंड देना पड़ता था, इसलिए आईआरसीटीसी प्रशासन ट्रेन संचालन को लेकर संजीदगी दिखाता था। लखनऊ से दिल्ली वाया कानपुर रूट की अन्य ट्रेनों की तुलना में आईआरसीटीसी कम लेट होती थी। लेकिन अब रिफंड की व्यवस्था बंद कर दी गई है। इसलिए ट्रेन भी लगभग रोजाना देरी की शिकार हो रही है। पिछले एक हफ्ते से तेजस दस से ग्यारह घंटे लेट हो रही है। इससे यात्रियों की उड़ानें छूट रही हैं। उन्हें रातभर तेजस में बैठकर सफर करना पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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देरी पर करना होगा खानपान का इंतजाम
दिल्ली से लखनऊ आने पर तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को खाना परोसा जाता है। ट्रेन दस बजे के आसपास लखनऊ पहुंचती है। लेकिन लेट होने पर यात्रियों को कभी-कभी खिचड़ी तो कभी स्नैक्स परोसे जा रहे थे। लेकिन अब ट्रेन लेट हुई तो प्रॉपर खाने का इंतजाम करना होगा। इसे लेकर रेलवे प्रशासन तैयारियां कर रहा है।
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