लखनऊ-दिल्ली रूट पर दौड़ेगी देश की पहली प्राइवेट ट्रेन, इस रूट की शान बनेगी तेजस एक्सप्रेस
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तेजस एक्सप्रेस के संचालन और रूट व स्टॉपेज को लेकर रेलवे बोर्ड व आईआरसीटीसी अधिकारी मंथन में जुटे हैं। शुरुआत दौर में भले ही ट्रेन को लखनऊ-कानपुर-अलीगढ़ रूट पर दौड़ाया जाए। पर, रेलवे अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि ऐशबाग-पीलीभीत सेक्शन के पूरी तरह से ब्रॉडगेज हो जाने के बाद ट्रेन को इस रूट पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसकी वजह है इस रेलखंड की मजबूती। इस पर 160 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों को दौड़ाया जा सकता है।
तेजस एक्सप्रेस रेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ट्रेनों में शुमार है। पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु की ओर से वर्ष 2016-17 में जिन स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की थी, उसमें अंत्योदय, हमसफर और तेजस एक्सप्रेस शामिल थीं। पर, अब जब इसका संचालन निजी हाथों में सौंपने की घोषणा की गई है तो ट्रेन को लेकर लोगों का रुझान बढ़ गया है। दरअसल, ट्रेन का शेड्यूल करीब दो साल पहले ही हो गया था।
बताया गया कि तेजस, लखनऊ से सुबह 6.50 बजे चलकर दोपहर 1.20 बजे आनंद विहार पहुंचेगी और वापसी में आनंद विहार से दोपहर 3.50 बजे चलकर रात 10.05 बजे लखनऊ पहुंचेगी। बता दें कि लखनऊ से दिल्ली पहुंचने के फिलहाल दो रास्ते हैं।
पहला लखनऊ से मानकनगर होते हुए कानपुर, अलीगढ़ और फिर आनंद विहार रेलवे स्टेशन। इस रूट की दूरी करीब 500 किमी. है। जबकि दूसरा रूट लखनऊ से आलमनगर-बरेली-मुरादाबाद होते हुए दिल्ली है, जिसकी दूरी पांच सौ से दस से बीस किलोमीटर कम है। पर, दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए एक नया रूट ऐशबाग-पीलीभीत के रास्ते होगा, जिस पर अभी काम चल रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से ऐशबाग से पीलीभीत तक मीटरगेज की जगह ब्रॉडगेज किया गया है। इसमें ऐशबाग से सीतापुर तक ब्रॉडगेज की ट्रेनें चलने लगी हैं। पर, सीतापुर के आगे रूट अधूरा होने से ट्रेनें नहीं चल पा रही हैं। अधिकारियों की मानें, तो जल्द ही पीलीभीत तक सेक्शन पूरा हो जाएगा। इसके बाद लखनऊ से पीलीभीत होते बरेली-मुरादाबाद के रास्ते ट्रेन दिल्ली पहुंचेगी।
160 की रफ्तार से दौड़ सकेंगी ट्रेनें
ऐशबाग पीलीभीत रेलखंड से दिल्ली जाने वाली गाड़ियों के लिए खास बात है कि ट्रैक की मजबूती। आरवीएनएल अधिकारियों की मानें तो इस ट्रैक की क्षमता 160 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों की है। वहीं, ट्रैक नया होने की वजह से सेफ्टी का खासा ख्याल रखा गया है। रूट पर ट्रैक किनारे बैरिकेडिंग भी की गई है। इससे पशु ट्रैक पर नहीं आ सकेंगे और ट्रेन का संचालन प्रभावित नहीं होगा।
हफ्ते में छह दिन चलेगी ट्रेन
रेलवे अधिकारियों की मानें तो तेजस एक्सप्रेस के ऑपरेशन को लेकर वृहद स्तर पर मंथन चल रहा है। ट्रेन का शेड्यूल तो जारी हो चुका है। इसके मुताबिक, फिलहाल ट्रेन को हफ्ते में छह दिन ही चलाया जाएगा। मसलन, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार व रविवार को। बृहस्पतिवार को ट्रेन का संचालन बंद रहेगा।