रिलायंस जियो देगा एकेटीयू के छात्रों को ऑप्टिकल फाइबर में ट्रेनिंग के साथ नौकरियां
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अब रिलायंस जियो इंफोकॉम के साथ मिलकर फाइबर ऑप्टिकल क्षेत्र के लिए ट्रेंड मैन पावर तैयार करेगा। इन प्रशिक्षित लोगों को रिलायंस कंपनी में जॉब भी दी जाएगी। वहीं, रिलायंस इंफो ने यूपी के सभी कॉलेजों में जल्द ही वाई-फाई की सुविधा देने का आश्वासन भी दिया है।
एकेटीयू में सोमवार को फाइबर ऑप्टिकल कम्युनिकेशन लैब का प्रदेश के प्राविधिक व चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने उद्घाटन किया। इस मौके पर एकेटीयू-रिलायंस जियो इंफोकॉम के बीच एमओयू भी हुआ।
एकेटीयू के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में स्थापित हो रहे इस सेंटर के बारे में निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने बताया कि रिलायंस जियो अपने नजदीकी फाइबर ऑप्टिकल हब से विवि को नि:शुल्क लीज लाइन देगा। इसका प्रयोग ऑडियो-वीडियो लेक्चर में होगा।
इस सेंटर में प्रत्येक संबद्ध संस्थान के दो फैकल्टी को ऑप्टिकल फाइबर में ट्रेंड किया जाएगा। फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम के कोर्स का मैटेरियल भी रिलायंस देगा। इससे कंपनी को भी फाइबर ऑप्टिकल की ट्रेंड मैनपावर मिल जाएगी और विद्यार्थियों को जॉब।
मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि एकेटीयू देश का अग्रणी विवि बन रहा है। हम प्रदेश के सरकारी, प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक में संसाधन, लैब, कंप्यूटर और फैकल्टी की पूर्ति करेंगे। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि एकेटीयू की वेबसाइट देश के 8-बेस्ट फीचर वेबसाइट में शामिल है।
हर क्षेत्र के लिए रोबोट बनाना सीखेंगे स्टूडेंट्स
कुलपति ने बताया कि सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में ही अगले सत्र से शुरू हो रहे एमटेक इन मैकाट्रानिक्स के तहत रोबोटिक्स लैब डवलप की जाएगी। इसके लिए विज्ञान एवं तकनीकी परिषद (डीआईएसटी) से आर्थिक सहयोग की बात चल रही है। यहां विभिन्न क्षेत्रों के लिए रोबोट डवलप करने की जानकारी एमटेक स्टूडेंट्स को दी जाएगी। इस प्रस्ताव को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
वाई-फाई से चलेंगे वर्चुअल क्लास रूम
रिलायंस इंफो के उपाध्यक्ष पीवी बालासुब्रमण्यम अय्यर ने कहा कि हम जल्द ही यूपी के सभी कॉलेजों को वाई-फाई की सुविधा देंगे। इसके माध्यम से वर्चुअल क्लास रूम के प्रयोग को सफल बनाएंगे। यहां हो रहे लेक्चर अन्य कॉलेजों में ऑनलाइन दिखाए जा सकेंगे। वहीं स्क्लि डवलपमेंट के प्रशिक्षण के बाद यहां के शिक्षक अपने विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर सकेंगे।