बदायूं रेप कांड पर जागा महिला आयोग
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सूबे में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते हिंसा के मामलों के बाद अब राज्य महिला आयोग ने भी शिकंजा कस लिया है।
जिलों में तैनात पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए लंबित चल रहे मामलों पर रिपोर्ट ली जाएगी।
इसके लिए महिला आयोग की टीम जिलों में कैंप करेगी। इसका फैसला आयोग की चेयरपर्सन जरीना उस्मानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
बताते चलें कि बदायूं में हुए दो बहनों के साथ गैंगरेप और हत्याकांड के बाद आयोग ने यह निर्णय लिया है।
ताकि तुरंत मिल सके न्याय
निर्णय के मुताबिक, महिला उत्पीड़न पर रोकथाम लगाने और पीड़ित महिलाओं को तुरंत न्याय दिलाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे।
इसके लिए आयोग के पदाधिकारी जिलों का भ्रमण कर पुलिस अधिकारियों के साथ महिला अपराधों की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसके तहत उस्मानी खुद सात जून को उन्नाव जिले में समीक्षा बैठक करेंगी।
इस दौरान उन्नाव के पुलिस अधिकारियों से बीते तीन महीने में हुई घटनाओं और उन पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट ली जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारियों और महिला थानाध्यक्ष को मौजूद रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बैठक में पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत भी दे सकती हैं।
नहीं थम रहे अपराध
उधर, यूपी में महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं में कोई कमी नहीं हो रही है। बदायूं के बाद सीतापुर में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करके पेड़ पर लटकाने का मामला सामने आया है।
एटा में भी दो बहनों के साथ गैंगरेप की घटना ने एक बार फिर यूपी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
विरोधी पार्टियों में भी सपा सरकार को लेकर रोष है और बसपा प्रमुख मायावती तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर चुकी हैं।