शिक्षकों को घर के पास स्कूलों में मिलेगी तैनाती
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परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई में सुधार लाने के लिए शिक्षकों को उनके घर के पास के स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। शिक्षकों से विकल्प लेकर तैनाती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और इसे 31 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने गुरुवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
बेसिक शिक्षा मंत्री चाहते हैं कि निजी स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में भी पढ़ाई का माहौल बनाया जाए। इसके लिए शिक्षकों की उनके मन मुताबिक तैनाती दी जाए। इसके बाद भी यदि वे पढ़ाने में रुचि नहीं लेते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
नियमों में संशोधन भी होंगे
बेसिक शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को तीनों राज्य मंत्रियों योगेश प्रताप सिंह, कैलाशनाथ चौरसिया व वसीम अहमद के साथ विभागीय अधिकारियों को बुलाया था।
बैठक शुरू होते ही उन्होंने परिषदीय स्कूलों में गिरते शिक्षा के स्तर पर चिंता जताई। कहा कि वे पूर्व में भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि शिक्षकों को उनके घर के पास के स्कूलों में तैनाती देने के लिए नियम बनाए जाएं।
इसके लिए यदि जरूरी हो तो नियमावली में भी संशोधन किया जाए। इसके बाद भी अभी तक कोई विशेष प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 जुलाई तक यह प्रक्रिया पूरी कर लें।
बीटीसी सत्र करें नियमित
बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दो सत्र देर से चल रहे बीटीसी सत्र को नियमित करने के निर्देश दिए। सत्र में देरी से छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, बीटीसी प्रवेश प्रक्रिया बदलकर निजी कॉलेज प्रबंधन को दाखिले देने संबंधी मामले में अलग से जल्द बैठक बुलाने को कहा। बीएलएड कोर्स शुरू किए जाने पर भी चर्चा हुई।
परिषदीय स्कूलों में चाइनीज फर्नीचर
चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए बेहतर फर्नीचर की व्यवस्था की जाए। लकड़ी के फर्नीचर अच्छे नहीं मिल रहे हैं तो चाइनीज फर्नीचर लेने पर भी विचार किया जाए।
मंत्री के इस निर्देश पर बाद में विवाद हो सकता है। चूंकि चाइनीज फर्नीचर दूसरे देश का है, लेकिन अधिकारियों ने बैठक में मंत्री के इस तर्क पर कोई टिप्पणी नहीं की और चुप्पी साधे रहे।