योगी सरकार का तोहफा: 2006 से पहले रिटायर हुए शिक्षकों को भी मिलेगी पूरी पेंशन
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यूपी सरकार ने अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के अवकाश प्राप्त शिक्षकों को फुल पेंशन का तोहफा दिया है। वर्ष 2006 से पहले रिटायर हुए ऐसे शिक्षकों जिनकी 33 वर्ष की सेवा पूरी न हुई हो उन्हें भी अब पूरी पेंशन मिलेगी।
सरकार ने 33 वर्ष की सेवा पूरी होने वाली शर्त हटा ली है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
दरअसल, एक जनवरी 2006 से पहले रिटायर हुए शिक्षकों को पूरी पेंशन तभी मिलती थी जब उन्होंने 33 साल की सेवा पूरी की हो।
महाविद्यालयों में 33 साल की सेवा उन्हीं की होती है जिन्होंने 27 साल की उम्र में जॉइन कर लिया हो लेकिन अक्सर ऐसा होता नहीं है। इस कारण जिनकी सेवा 33 साल से कम की होती है उनकी पेंशन की धनराशि अनुपातिक रूप में कम कर दी जाती है।
33 साल की सेवा घटाकर कर दिया 20 वर्ष
प्रदेश सरकार ने 2010 में 33 साल की सेवा को घटाकर 20 वर्ष कर दिया है। लेकिन इसका लाभ एक जनवरी 2006 से पहले रिटायर हो चुके शिक्षकों को नहीं मिल रहा था। इस कारण ये शिक्षक काफी समय से लड़ाई लड़ रहे थे।
इसी को देखते हुए सरकार ने अब 33 साल सेवा की शर्त हटा ली है। ऐसे में अब पुराने शिक्षकों को भी पूरी पेंशन का लाभ मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल ने इस बाबत औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इसी के अनुसार 2006 से पहले रिटायर हो गए शिक्षकों को पूरी पेंशन देने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
हालांकि, शिक्षकों को न्यूनतम पेंशन के संशोधन के फलस्वरूप एरियर का भुगतान नहीं किया जाएगा।