यूपी में शिक्षकों की तैनाती के ये होंगे मानक
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती अब छात्र संख्या के आधार पर की जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने स्कूलवार छात्रों व शिक्षकों की सूची तैयार करा ली है।
इस सूची से पता चला है कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों की मनमाने तरीके से तैनाती की है। शहरी क्षेत्र से सटे स्कूलों में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में तो अधिक शिक्षकों को तैनात कर दिया है और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है।
इसलिए उच्च स्तर पर तय किया गया है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी होते ही शिक्षकों की तैनाती छात्र संख्या के आधार पर की जाएगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद छात्र व शिक्षक का अनुपात नए सिरे से तय किया गया है। प्राइमरी में 30 छात्र पर एक और उच्च प्राइमरी में 35 छात्र पर एक शिक्षक रखने की व्यवस्था है।
ये है प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों का हाल
प्रदेश में मौजूदा समय 1,12,654 प्राइमरी व 45,749 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। प्राइमरी में 2.61 करोड़ व उच्च प्राइमरी में 92.15 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर तैनाती के लिए करीब पौने पांच लाख शिक्षकों की जरूरत होगी। प्राइमरी में मौजूदा समय करीब 1,98,947 तथा उच्च प्राइमरी में 1,06,089 शिक्षक काम कर रहे हैं।
मौजूदा समय शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक, 15,000 बीटीसी शिक्षक व 92,000 शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जाना है। इसके बाद प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या हो जाएगी।
इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होते ही छात्रों के अनुपात के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाए। इसके लिए परिषद ने स्कूलवार छात्र व शिक्षकों का सर्वे करा लिया है।
दूसरे स्कूलों में दी जाएगी तैनाती
परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए शिक्षकों से गैर जरूरी काम नहीं लिए जाएंगे। मसलन काफी संख्या में शिक्षक दफ्तरों में संबद्ध हैं।
ऐसे शिक्षकों की संबद्धता समाप्त करते हुए उनके मूल तैनाती वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। इसके अलावा मूल तैनाती वाले स्कूलों में काम न कर दूसरे स्कूलों में संबद्धता कराने वाले शिक्षकों को भी उनके मूल तैनाती वाले स्कूलों में भेजा जाएगा।
छात्र संख्या से जहां भी शिक्षक अधिक होंगे उन्हें दूसरे स्कूलों में स्थानांतरण किया जाएगा। पदोन्नति के बाद शिक्षकों को अनिवार्य रूप से दूसरे स्कूलों में तैनाती दी जाएगी।
निर्देशों का पालन न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।